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सीमा विवाद: मिजोरम ने असम पुलिस पर लगाया मजदूर को अगवा करने का आरोप, दोनों राज्यों के बीच फिर बढ़ी तनातनी

Fri, 03 Sep 2021 11:52 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऐजौल

सार

असम-मिजोरम का सीमा विवाद काफी पुराना है। पिछले महीने सीमा पर हिंसा भड़क गई थी। इसमें दोनों राज्यों की पुलिस आपस में भिड़ गई, जिसमें छह पुलिस वालों के अलावा एक नागरिक की मौत हो गई थी। 
 
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असम-मिजोरम सीमा पर जुलाई में हुई हिंसा - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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मिजोरम ने असम पुलिस पर मजदूर को अगवा करने और उसे पीटे जाने का आरोप लगाया है। इसको लेकर मिजोरम कोलासिब के डिप्टी कमिश्नर एच. ललथांगलियाना ने असम के हैलाकांडी के अपने समकक्ष को पत्र लिखा है। आरोप है कि गुरुवार की शाम को विवादित सीमा के पास वैरांगते गांव से असम पुलिस के कुछ जवानों ने ललनाराम्माविया नामक मजदूर का अपरहरण कर लिया। मजदूर की आंख पर पहले पट्टी बांधी गई और बंदूक के दम पर पुलिस उसे उठा ले गई। गौरतलब है कि जुलाई में दोनों राज्यों की पुलिस की ओर से सीमा विवाद को लेकर फायरिंग भी हुई थी। 

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असम पुलिस बंद कराना चाहती थी काम 
डिप्टी कमिश्नर एच. ललथांगलियाना के पत्र के अनुसार कुछ मजदूर सड़क बनाने का काम कर रहे थे। असम पुलिस इस काम को बंद कराना चाहती थी। काम बंद नहीं हुआ तो पुलिस ने वहां लोगों को मारा और मजदूर को अगवा कर लिया। इसके बाद पुलिस उसे एक नदी तक घसीटते हुए ले गई। पुलिस ने मजदूर का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया। एच. ललथांगलियाना ने कहा है कि ऐसी घटनाओं से सीमा पर फिर से तनाव बढ़ सकता है। 

हिंसा में जा चुकी है छह पुलिस वालों की जान 
पिछले महीने यानी 26 जुलाई को दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद में हिंसा भड़क गई थी। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस और नागरिकों की ओर से फायरिंग और पत्थरबाजी भी हुई थी। इसमें छह पुलिस जवानों समेत एक नागरिक की मौत हो गई थी। वहीं 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। 
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काफी पुराना है सीमा विवाद 
मिजोरम के कोलासिब, मामित और ऐजौल व असम के काछर, हैलाकांडी, करीमगंज के बीच 146.6 किलोमीटर लंबी सीमा साझा होती है। दोनों राज्य इस सीमा को लेकर अलग-अलग नियम मानते हैं। मिजोरम का मानना है 1875 में आदिवासियों को बाहरियों से बचाने के लिए यह सीमा तैयार की गई थी। जबकि, असम 1933 में किए गए जिले के सीमांकन को मानता है। 
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