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टीआरपी छेड़छाड़ मामला : बॉम्बे हाईकोर्ट ने अर्णब गोस्वामी व अन्य को राहत पांच मार्च तक बढ़ाई

Fri, 12 Feb 2021 06:02 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने टीआरपी से छेड़छाड़ के मामले में पत्रकार अर्नब गोस्वामी व अन्य को पूर्व में दी गई राहत पांच मार्च तक बढ़ा दी। यह राहत रिपब्लिक टीवी संचालित करने वाली एआरजी आउटलायर मीडिया के अन्य कर्मचारियों को रहेगी। इन सभी को दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की गई है। 

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बता दें कि ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) ने टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट यानी 
टीआरपी के हेरफेर की शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि विज्ञापनदाताओं से ज्यादा राजस्व जुटाने के लिए कुछ टीवी चैनलों ने टीआरपी नंबर के साथ छेड़छाड़ की। हाईकोर्ट ने टीआरपी मामले में मुंबई पुलिस की जांच को चुनौती देने वाली एआरजी की याचिका पर सुनवाई स्थगित करने के बाद अंतरिम राहत प्रदान की थी।

सिब्बल ने मांगा वक्त
महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि पुलिस के आरोप पत्र के बाद पिछले सप्ताह दाखिल जवाबी हलफनामे में कई नए दस्तावेज शामिल किए गए हैं जो कि इस याचिका का हिस्सा नहीं हैं। सिब्बल ने कहा कि उन्हें नए दस्तावेजों पर गौर करने के लिए समय चाहिए, इसलिए एआरजी की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे को इन दस्तावेजों के आधार पर दलीलें नहीं देनी चाहिए। हालांकि, साल्वे ने दस्तावेजों के आधार पर दलीलें पेश करने की बात कही।
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गोस्वामी और अन्य को अगली तारीख तक अंतरिम राहत जारी रखने के सिब्बल के बयान को स्वीकार करने के बाद अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी। न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति मनीष पितले की पीठ ने कहा कि वह पांच मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये अंतरिम राहत की अर्जी पर आगे सुनवाई करेगी।

पीठ पुलिस की जांच को चुनौती और जांच सीबीआई या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने के अनुरोध को लेकर एआरजी की मुख्य अर्जी पर 16 मार्च को सुनवाई करेगी। एआरजी मीडिया और गोस्वामी ने पिछले साल बॉम्बे हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर कर टीआरपी मामले में कई तरह की राहत देने का अनुरोध किया था।

पिछले महीने मुंबई पुलिस ने पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह और अपराध शाखा के एसीपी शशांक सांदभोर के जरिये हलफनामा दाखिल कर कहा था कि रिपब्लिक टीवी या उसके कर्मचारियों को निशाना नहीं बनाया गया।

आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में भी पांच मार्च को सुनवाई
हाई कोर्ट की उसी पीठ ने गोस्वामी की एक और याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी जिसमें उन्होंने आत्महत्या के लिए कथित तौर पर उकसाने के 2018 के मामले में अपने खिलाफ दर्ज मामले को खारिज करने का अनुरोध किया है। इस याचिका पर भी पांच मार्च को सुनवाई होगी। गोस्वामी और दो अन्य पर इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। मामले में तीनों को गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें जमानत पर रिहा किया गया।

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