बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के बारे में महाराष्ट्र सरकार से जवाबदेही मांगी है। उच्च न्यायालय ने सरकार से पूछा है कि आखिर राज्य सरकार 3600 करोड़ रुपए की लागत से शिवाजी की स्मारक क्यों बनाना चाहती है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने चार्टर्ड अकाउंटेंट मोहन बिंदे द्वारा दायर एक जनहित याचिका सुनवाई के दौरान ये बातें कहीं। इस याचिका की सुनवाई जस्टिस मंजुला चेल्लूर और जस्टिस जी.एस. कुलकर्णी की पीठ कर रही थी।
सीए मोहन बिंदे ने अपनी दायर याचिका में कहा है कि जहां सरकार के पास किसानों की समयस्याओं जैसे सिंचाई परियोजनाओं और कर्ज माफी के लिए पर्याप्त धन नहीं है ऐसे में सरकार इतना महंगा स्मारक बनवाने जा रही है।
आपको बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 दिसंबर को इस स्मारक का शिलान्यास कर चुके हैं। 3600 करोड़ रुपये खर्च कर विश्व की सबसे ऊंची छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा मुंबई में समुद्र के बीच स्थापित होने वाली है। जिसे नोएडा के पद्म विभूषण मूर्तिकार राम वी. सुतार बनाएंगे। आधार के साथ प्रतिमा की ऊंचाई 210 मीटर होगी।