बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को गांजे की तस्करी के एक आरोपी की जमानत देते वक्त बड़ा बयान दिया। कोर्ट ने कहा है कि जब दो व्यक्तियों के एक साथ पकड़े जाने पर उनके पास से अलग-अलग नशीले पदार्थ बरामद हुए हैं तो जब्ती भी अलग ही मानी जानी चाहिए।
बता दें कि गांजा तस्करी के आरोप में पिछले वर्ष दो युवकों की गिरफ्तारी हुई थी, जिनमें से एक आरोपी सागर बोरकर की सोमवार को जमानत याचिका पर सुनवाई हुई और इस दौरान एचसी का बयान सामने आया है।
आरोपी सागर ने इस आधार पर जमानत मांगी थी कि पुलिस ने कथित तौर पर उसके पास से केवल 10 किलोग्राम प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया था, जो मध्यवर्ती मात्रा का था। हालांकि, पुलिस ने दावा किया कि बोरकर और मामले के सह-अभियुक्तों के पास 22 किलोग्राम वजन का प्रतिबंधित पदार्थ पाया गया, जो एक वाणिज्यिक मात्रा है। इसमें आगे दावा किया गया कि चूंकि दोनों एक साथ यात्रा कर रहे थे, इसलिए मामले में साजिश का आरोप भी लगाया गया।
ये है अलग-अलग गांजे की मात्रा
जस्टिस एसजी डिगे की एकल पीठ ने 15 सितंबर के अपने आदेश में पुलिस की दलील को मानने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि पुलिस ने बोरकर से 10.319 किलोग्राम और सह-अभियुक्तों से 11.24 किलोग्राम गांजा बरामद किया था।
बरामदगी पर हो अलग से विचार
अदालत के कहा कि आरोप के मुताबिक आवेदक और सह-अभियुक्त दोनों एक साथ यात्रा कर रहे थे, और उनके कब्जे से बरामद किया गया प्रतिबंधित पदार्थ वाणिज्यिक मात्रा में था। आवेदक और सह-अभियुक्त एक साथ पाए गए थे, वे व्यक्तिगत रूप से प्रतिबंधित पदार्थ ले जा रहे थे। आवेदक (बोरकर) और सह-अभियुक्तों के कब्जे से प्रतिबंधित पदार्थ की बरामदगी पर अलग से विचार किया जाना चाहिए।
मामले के विवरण के अनुसार, बोरकर और एक अन्य व्यक्ति को गांजा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जबकि बोरकर के पास लगभग 10 किलोग्राम मादक पदार्थ पाया गया, पुलिस ने मामले में सह-अभियुक्तों से 11 किलोग्राम बरामद किया।