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Bombay HC: हाईकोर्ट ने बुजुर्ग को दुष्कर्म के आरोप से मुक्त किया, कहा- सहमति से बने थे दोनों के बीच संबंध

Mon, 08 May 2023 03:58 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

न्यायमूर्ति भारती डांगरे की एकल पीठ ने चार मई को अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता और 67 वर्षीय आरोपी 2005 से एक दूसरे के संपर्क में थे और संबंध दो वयस्कों के बीच थे जो अपने कृत्यों के परिणामों को समझने में सक्षम थे।
 
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विस्तार
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बंबई उच्च न्यायालय ने एक वरिष्ठ नागरिक को दुष्कर्म के आरोपों से मुक्त कर दिया है। उनके खिलाफ साल 2015 में एक 61 वर्षीय महिला ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। अदालत ने कहा कि दोनों के बीच संबंध सहमति से थे और शारीरिक संबंधों के लिए मजबूर नहीं किया गया था। 

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न्यायमूर्ति भारती डांगरे की एकल पीठ ने चार मई को अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता और 67 वर्षीय आरोपी 2005 से एक दूसरे के संपर्क में थे और संबंध दो वयस्कों के बीच थे जो अपने कृत्यों के परिणामों को समझने में सक्षम थे।

शिकायतकर्ता ने 2015 में पुणे पुलिस में दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि व्यक्ति ने शादी का झांसा देकर 2005 से कई बार उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म, छेड़छाड़ और आपराधिक धमकी के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि शिकायत दर्ज होने के दौरान दोनों के बीच 2005 से 2015 तक सहमति से संबंध थे। जब प्राथमिकी दर्ज की गई थी तब शिकायतकर्ता की उम्र 54 साल थी और आरोपी की उम्र 60 साल थी।

अदालत ने कहा, 'यह दो वयस्कों के बीच का संबंध था, जो अपने कृत्यों के परिणामों को समझने में सक्षम थे, और किसी भी तरह से यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता है कि शारीरिक संबंध महिला की सहमति के बिना या उसकी इच्छा के खिलाफ था।' पीठ ने आगे कहा कि महिला को अच्छी तरह से पता था कि वह व्यक्ति पहले से ही शादीशुदा है और उसने इसके बावजूद संबंध जारी रखा था।

इसमें कहा गया है कि दुष्कर्म का अपराध तब होता है जब कृत्य महिला की सहमति के खिलाफ और उसकी सहमति के बिना किया जाता है। पीठ ने कहा कि मौजूदा मामले में आरोपी और महिला के बीच संबंध एक दशक तक जारी रहे और यह आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है कि यह आपसी सहमति से थे।

पीठ ने आगे कहा, यह अनुमान लगाने का कोई कारण नहीं है कि दोनों के बीच संबंध जबरन था। यह ऐसा मामला भी नहीं है जहां एक युवक शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का लालच दे। मामले के अनुसार, महिला अपने पहले पति से अलग हो गई थी और बाद में उसने दूसरी शादी कर ली थी, लेकिन एक दुर्घटना में उसने अपने दूसरे पति को खो दिया था।

शिकायतकर्ता पुणे के एक स्कूल में हेडमास्टर के रूप में काम करती थी। शिकायत के अनुसार, पहले से शादीशुदा व्यक्ति ने दावा किया था कि वह अपनी पत्नी से नाखुश है और उसने उससे शादी करने की इच्छा जताई थी। दोनों के बीच 2005 में संबंध बने थे जबकि महिला ने 2015 में शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया था कि जब वह उससे शादी करने की मांग करती थी तो वह उसका शारीरिक शोषण करता था।

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