बॉलीवुड के मशहूर गायक कुमार सानू ने सोमवार को इस बात से इंकार कर दिया कि उन्होंने भाजपा द्वारा पश्चिम बंगाल में आयोजित होने वाले रथयात्रा कार्यक्रम में शामिल होने को मंजूरी दी है। उन्होंने इस आयोजन के साथ अपना नाम जोड़े जाने को एक साजिश बताया। साल 2012 में कुमार सानू भाजपा में शामिल हुए थे।
सानू ने कहा, 'पार्टी के लोगों ने एक सूची बनाई मगर इसमें मेरा नाम शामिल किए जाने से पहले मुझे इसकी सूचना दी जानी चाहिए थी। कोलकाता के लोग मुझसे प्यार करते हैं इसलिए मुझे लगता है कि यह एक साजिश है। मैं इस कार्यक्रम में नहीं आ रहा हूं क्योंकि मुझसे इस बारे में कोई बातचीत नहीं हुई है।'
बता दें कि भाजपा 7, 9 और 14 दिसंबर को उत्तर बंगाल के कूच बिहार, दक्षिणी 24 परगना जिले के गंगासागर और बीरभूम जिले के तारापीठ में तीन रथयात्राएं आयोजित कर रही है। सानू का कहना है कि वह अब भाजपा का हिस्सा नहीं हैं।
गायक ने कहा, '2012 में मैं पार्टी में इसलिए शामिल हुआ था क्योंकि मुझे उम्मीद थी कि इससे मेरे संगीत विद्यालय को कुछ मदद मिलेगी लेकिन अनाथ बच्चों के लिए संचालित किए जाने वाले इस विद्यालय को कोई मदद नहीं मिली। इसी कारण मैंने पार्टी छोड़ दी।'
कुमार सानू ने स्पष्ट किया कि उनका किसी राजनीतिक पार्टी से संबंध नहीं है और वह केवल संगीत के बारे में सोचते हैं। वहीं इस मामले पर भाजपा की राज्य इकाई के महासचिव सायंतन बसु का कहना है कि पार्टी चाहती थी कि वह रथयात्रा कार्यक्रम में आएं क्योंकि वह अब भी पार्टी के सदस्य हैं। उन्होंने कहा, 'हमें नहीं मालूम की वह कार्यक्रम में क्यों नहीं आ रहे हैं या अपनी सदस्यता से इंकार क्यों कर रहे हैं। मगर हम चाहते थे कि वह आएं। इसी कारम हमने केंद्र से संपर्क किया था।'