बोकारो स्टील प्लांट से ऑक्सीजन ले जाती ट्रेन
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अभी लंच करने का नहीं बल्कि उखड़ती सांसों को बचाने का वक्त है। लंच तो बाद में भी किया जा सकता है..देश को ऑक्सीजन की तत्काल जरूरत है। इसलिए हमलोग रात दिन एक कर ऑक्सीजन सप्लाई कर रहे हैं। ये अल्फाज हैं बोकारो सेल स्टील प्लांट में काम कर रहे अधिकारियों और मजदूरों के। बोकारो स्टील प्लांट में हर रोज 150 टन ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। जो देश के अलग-अलग हिस्सों में ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए सप्लाई की जा रही है। बोकारो स्टील प्लांट से ऑक्सीजन की ज्यादा सप्लाई मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश को हो रही है। मजदूर लोगों की जान बचाने के लिए 24 घंटे लगातार काम कर रहे हैं। उन्हें अपने लंच और डिनर की भी चिंता नहीं हैं।
तीन शिफ्ट में काम करते हैं कर्मचारी
जानकारी के मुताबिक बोकारो में ऑक्सीजन बनाने का काम दो प्लांट में चल रहा है। इन प्लांटों में तरल ऑक्सिजन तैयार होता है। दोनों प्लांटों में तीन शिफ्ट में कर्मचारी काम करते हैं। आठ घंटे की शिफ्ट में कर्मचारी बिना-रुके और थके काम कर रहे हैं। प्लांटों में 25 अधिकारी और 140 से ज्यादा मजदूर दिन रात काम में जुटे हुए हैं। हर दिन यहां 150 टन ऑक्सिजन तैयार किया जाता है।जब कोई इन्हें टिफिन खाने को याद दिलाता है तो वो कहते हैं कि टिफिन तो बाद में खा लिया जाएगा। पहले देश के लिए ऑक्सीजन तो तैयार कर दूं।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा सप्लाई
बता दें कि देश में बोकारो स्टील प्लांट और भिलाई स्टील प्लांट में बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। इन दो राज्यों से अलग-अलग जगहों पर ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। सबसे ज्यादा ऑक्सीजन सप्लाई मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को की जा रही है। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी आपूर्ति की जा रही है।