हरियाणा के सोनीपत की जिला जेल में रेडियो लाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस जेल के बंदियों का ऑडिशन सोमवार को संपन्न हुआ। इसमें सात बंदियों का चुनाव हुआ है। इसके अलावा दो बंदियों को गायकों के तौर पर चुना गया है।
रेडियो जॉकी के लिए चुने गए सभी सातों बंदी आजीवन कारावास पर हैं। संगीत की टीम में चुने गए दो बंदी भी आजीवन कारावास पर हैं । इनका ऑडिशन जेल सुधारक और तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक वर्तिका नन्दा ने किया। इस समय हरियाणा की जेलों में रेडियो लाने का दूसरा चरण चल रहा है। इनमें जिला जेल करनाल, जिला जेल रोहतक, जिला जेल गुरुग्राम और केंद्रीय कारागार हिसार को शामिल किया है।
जिला जेल सोनीपत का चुनाव हरियाणा में जेल रेडियो लाने के तीसरे चरण में किया गया है। तीसरे चरण में पांच जेलों को चुना गया है। इनमें जिला जेल सिरसा, सोनीपत, जींद, झज्जर और यमुनानगर है। जिला जेल सोनीपत के जेल अधीक्षक सतविन्दर कुमार हैं। उन्होंने बताया कि जेल में रेडियो के आने की सूचना से बंदियों में काफी उत्साह हैं और वे सभी जेल रेडियो के जरिए अपनी बात को रखना चाहते हैं।
1983 में बनी थी यह जेल
1983 में बनी जिला जेल सोनीपत की कुल क्षमता 745 बंदियों की है, जिनमें 100 महिलाएं भी शामिल हैं। इस समय इस जेल में लगभग 1143 बंदी हैं, जिनमें 148 बंदी सश्रम कारावास पर हैं।
बंदियों को दी जाएगी ट्रेनिंग
आज हुए ऑडिशन में रेडियो जॉकी के लिए सात बंदियों का चयन किया गया है। ये सभी बंदी आजीवन करावास के तहत जेल में बंद हैं। सभी बंदी अलग-अलग शैक्षिक योग्यता और हुनर रखते हैं। इनमें से एक युवक जेल की लाइब्रेरी का संचालन भी करता है।
हरियाणा में कुल 19 जेलें हैं जिनमें से तीन जेलों में पहले ही रेडियो लाया जा चुका है। सोनीपत जेल रेडियो की तैयारी के तहत अब इन बंदियों को रेडियो के संचालन की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद रेडियो लाने की प्रक्रिया के तहत जेल रेडियो का कमरा तैयार किया जाएगा।
तिनका तिनका फाउंडेशन
हरियाणा जेल रेडियो की संकल्पना तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. वर्तिका नन्दा ने की है। 2019 में तिनका तिनका फाउंडेशन ने जिला जेल आगरा में जेल रेडियो स्थापित किया था। वे तिनका मॉडल ऑफ प्रिजन रिफार्म के तहत देश की जेलों में रेडियो लाने पर काम कर रही हैं। वर्तिका नन्दा दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कालेज में पत्रकारिता विभाग की प्रमुख हैं।