कोविड टीकाकरण में कथित घोटाले की हालिया घटनाओं की पृष्ठभूमि में बीएमसी ने अतिरिक्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि इन दिशानिर्देशों के अनुसार हाउसिंग (आवासीय) सोसायटी व कार्यालयों में निजी टीकाकरण केंद्र कोविन पोर्टल पर पंजीकृत कराने के बाद ही लगाए जा सकते हैं।
बीएमसी की ओर से गुरुवार को जारी किए गए दिशानिर्देशों के अनुसार हाउसिंग सोसायटी और कार्यालयों में पंजीकृत निजी कोविड टीकाकरण केंद्र के जरिये ही टीके लगवाए जा सकेंगे और कार्यालय व हाउसिंग सोसायटी का प्रबंधन स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर यह सुनिश्चित करेगा कि केंद्र कोविन पर पंजीकृत है।
इसके अनुसार, कार्यालय और हाउसिंग सोसायटी प्रबंधन एक व्यक्ति को 'नोडल अधिकारी' के तौर पर नियुक्त करेंगे, जो निजी टीकाकरण केंद्र और टीकाकरण से जुड़ी गतिविधियों का समन्वय करेगा। नोडल अधिकारी टीकाकरण से जुड़े सभी पहलुओं (लाभार्थियों का पंजीकरण, आधारभूत व आईटी अवसंरचना) को देखेगा।
उल्लेखनीय है कि बीएमसी ने पिछले महीने कार्यालयों और हाउसिंग सोसायटी में टीकाकरण के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। इन दिशानिर्देशों में निजी टीकाकरण केंद्रों के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर को अनिवार्य बना दिया गया था। लेकिन इसकी विस्तृत भूमिका और जिम्मेदारियां इन दिशानिर्देशों में मौजूद नहीं थीं।
नए दिशानिर्देशों के मुताबिक नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि हाउसिंग सोसायटी और पंजीकृत निजी टीकाकरण केंद्र की ओर से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाएं। इसके साथ ही वह यह भी सुनिश्चित करेहा कि और टीकाकरण की तारीख और संबंधित जानकारियां सोसायटी के सूचना पट पर प्रदर्शित की जाएं।
हाउसिंग सोसायटी संबंधित चिकित्सा अधिकारी और स्थानीय पुलिस थाने को टीकाकरण शिविर के बारे में कम से कम तीन पहले सूचित करेगी। निजी टीकाकरण केंद्र का नोडल अधिकारी सुनिश्चित करेगा कि सभी लाभार्थियों को डिजिटल प्रमाण पत्र मिले। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम भी टीकाकरण केंद्रों का औचक निरीक्षण करेगी।
मुंबई पुलिस ने पिछले महीने हाउसिंग सोसायटी और निजी कंपनियों के लिए फर्जी टीकाकरण केंद्र लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद से मामले में अब तक 11 एफआईआर दर्ज की हैं। शहर में अबतक 54 लाख 67 हजार 805 लोगों को टीका लगा है। 10 लाख 83 हजार 266 लागों को दोनों खुराकें दी जा चुकी है।