रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं ने रक्तदान करके महादान किया। इस पहल में हर वर्ग के छात्रों व स्टाफ ने दूसरों की जिंदगी बचाने का संदेश दिया। एचडीएफसी बैंक के सहयोग से मानव कल्याण के लिए जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा (उ.प्र.) में लगाए गए इस शिविर में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं सहित स्टाफ ने भी दिखाया कि जोश के आगे कोई कमी मायने नहीं रखती है। रक्तदान के लिए पहुंचे रक्तदाताओं को एचडीएफसी बैंक की ओर से प्रशस्ति पत्र जारी किए गए।
जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा (उ.प्र.) में सुबह 11 बजे से रक्तदान शिविर शुरू किया गया, जो कि देर सायं तक जारी रहा। इस दौरान रक्तदाताओं के पते, मोबाइल नंबर, ईमेल, ब्लड ग्रुप आदि महत्वपूर्ण जानकारियां ली गईं, ताकि भविष्य में जरूरतमंद मरीजों के लिए दोबारा अपनी स्वेच्छा से वे रक्तदान कर सकें।
रक्तदान महादान शिविर का शुभारंभ प्रतिकुलपति प्रो. आनंद मोहन अग्रवाल, जीएलए के मेडीकल ऑफीसर दिव्य पाल सिंह, बैंक मैनेजर अनिल कुमार शर्मा, तपेश भारद्वाज, ज्ञानेश्वर शर्मा ने किया। इस दौरान प्रो. अग्रवाल ने कहा कि यह एक महादान है। जो कि निश्चित ही कम से कम तीन लोगों की जिंदगी बचायेगा। उन्होंने कहा कि अगर आज का युवा समय-समय पर इस प्रकार अभियान में शामिल होते रहे तो रक्त न मिलने की वजह से किसी की जान नहीं जाएगी।
बैंक मैनेजर अनिल शर्मा ने बताया कि एचडीएफसी द्वारा 2007 से अनवरत रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं और करते भी रहेंगे। उन्होंने बताया कि यह दूसरा मौका है जब उन्हें जीएलए विश्वविद्यालय में रक्तदान शिविर लगाने का मौका मिला है। वास्तव में जीएलए के विद्यार्थियों की काबिले तारीफ है कि विद्यार्थियों ने रक्तदान महादान शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और उन्होंने आवश्यकतानुसार 150 से अधिक यूनिट एकत्र कर राजकीय चिकित्सालय, मथुरा एवं समर्पण ब्लड बैंक, आगरा को सौंपा।
जिला चिकित्सालय और एनएसएस का मिला सहयोग
जीएलए विश्वविद्यालय में रक्तदान शिविर के दौरान महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों का सहयोग सराहनीय रहा। चिकित्सकों एवं तकनीकी स्टाफ द्वारा हर पल रक्तदाताओं पर नजर रखकर रक्तदान कराया। तो वहीं जीएलए विवि के एनएसएस के छात्रों ने शिविर में सहयोग प्रदान किया। इस दौरान मेडीकल ऑफिसर डॉ. गीता शर्मा, काउंसलर सुशीला शर्मा, सीनियर लेब टेक्निशियन आरके चूणामणि आदि उपस्थित रहे। वहीं एचडीएफसी बैंक व समर्पण ब्लड बैंक आगरा से निमिश मंगल, भीष्म राज चौधरी, श्यामवीर सिंह, अतुल, सचिन एवं ब्लड बैंक से डॉ. आरसी देवरानी, वीके सिंह, एसके गौतम, रूपेश तिवारी, उमेश चंद, बबलू एवं एनएसएस के अुनज गुप्ता, भावेश गौतम, प्रशांत का सहयोग सराहनीय रहा।
रक्तदान बचाएगा जान
रक्तदान करने वाली बीटेक इलेक्ट्रिकल एण्ड कम्यूनिकेशन इंजी. अंतिम वर्ष की छात्रा शान्जुली राठी ने बताया कि उन्होंने पहली बार रक्तदान किया है, रक्तदान करके वह बहुत खुश हैं क्योंकि उनकी एक यूनिट किसी भी मरीज की जान बचायेगी।
दूसरी बार रक्तदान करने वाले बीटेक मैकेनिकल अंतिम वर्ष के छात्र कुणाल मुद्गल का कहना है कि उन्होंने दूसरी बार रक्तदान किया है। रक्तदान करने में उन्हें कोई संकोच दिखाई नहीं देता। उन्हें इससे खुशी मिलती है कि उनके रक्त से एक या अधिक की जिंदगी बचेगी।