प. बंगाल के सिलीगुड़ी में बीरभूम के रामपुरहाट में हिंसा और आगजनी के खिलाफ आज भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। इसकी अगुवाई भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने की। अधिकारी ने ममता सरकार को निशाने पर लेते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, राष्ट्रपति शासन लगाया जाए
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और इसकी निंदा करने के लिए शब्द पर्याप्त नहीं हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट ने सेंट्रल फोरेंसिक को निर्देश दिए हैं। हम एनआईए या सीबीआई जांच की मांग करते हैं। एसआईटी राज्य सरकार की एक विंग है, सीएम सरकार को बचाने की कोशिश कर रही हैं। बंगाल को बचाने के लिए राष्ट्रपति शासन ही एकमात्र रास्ता है।
पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने कहा कि यहां दहशत का माहौल है, गांव वीरान हैं। शर्मनाक है कि इस सरकार ने कई बेगुनाहों को मरने दिया। पुलिसकर्मी खड़े रहे और कुछ नहीं किया। ममता बनर्जी को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और इस मामले को सीबीआई या एनआईए को सौंप देना चाहिए।
दरअसल, बंगाल के बीरभूम के रामपुरहाट में टीएमसी नेता की हत्या के बाद सोमवार देर रात हिंसा भड़क गई थी। यहां भीड़ ने 10-12 घरों के दरवाजे को बंद कर आग लगा दी। एक ही घर से 8 लोगों के शव निकाले गए हैं। भड़की हिंसा में अब तक कुल 10 लोगों की मौत हो गई है। रामपुरहाट में टीएमसी के उपप्रधान की हत्या का बदला लेने के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया।
धनखड़ ने लिखी चिट्ठी
इस बीच बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने बीरभूम जिले के रामपुरट में भीषण हिंसा मामले में सीएम ममता बनर्जी की चिट्ठी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इतनी नृशंस वारदात पर राजभवन मूक दर्शक बनकर नहीं रह सकता। उन्होंने दावा किया कि दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
ममता जाएंगी रामपुरहाट
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रामपुरहाट गुरुवार को रामपुरहाट का दौरा करेंगी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी भी कल हिंसा प्रभावित इलाके का दौरा कर सकते हैं। पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रमुख ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को पत्र लिखकर संविधान के अनुच्छेद 355 को लागू करने का अनुरोध किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पश्चिम बंगाल सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलती रहे।