महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जनता ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को जनादेश दिया था, लेकिन शिवसेना ने उसका अपमान किया। अगर शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाना चाहती है, तो बना सकती है। हम उन्हें शुभकामना देते हैं।’
भाजपा अहंकार में, यह कैसा गठबंधन
उधर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि भाजपा अपने अहंकार में सरकार न बनाने के लिए तैयार है लेकिन शिवसेना के साथ ढाई साल के मुख्यमंत्री पद का वादा निभाने के लिए राजी नहीं है। यह कैसा गठबंधन है।
इस बीच, कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि हम महाराष्ट्र में स्थायी सरकार गठन के पक्ष में हैं। फिलहाल हम जयपुर में हैं, हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और आगे हमारा क्या रुख रहेगा इसको लेकर विधायकों से सलाह लेंगे।
इससे पहले, रविवार को मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने ट्वीट करके राज्यपाल से मांग की थी कि राज्य में पार्टियों ने गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ा था। जब भाजपा-शिवसेना की महायुति सरकार नहीं बना सकी तो अब कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को सरकार बनाने का निमंत्रण मिलना चाहिए।
क्या उद्धव होंगे मुख्यमंत्री और अजीत पवार उपमुख्यमंत्री?
सूत्रों का कहना है कि एनसीपी ने शिवसेना को साफ कर दिया है कि वह उसे सरकार बनाने कि लिए अगर समर्थन देती है तो आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में नहीं स्वीकार करेगी। वह इस पद के लिए उद्धव ठाकरे को समर्थन देने को तैयार है। इस पर उद्धव ने कहा कि वह विचार करेंगे।
साथ ही एनसीपी ने शिवसेना को यह भी साफ कर दिया है कि शिवसेना का मुख्यमंत्री होने की स्थिति में उपमुख्यमंत्री एनसीपी का होगा और यह पद अजीत पवार के पास रहेगा।