केंद्र सरकार ने 29 अक्टूबर को पूरे देश के बुजुर्गों के लिए आयुष्मान योजना लागू कर दी है, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार के द्वारा राजधानी में इसे लागू न करने के कारण दिल्ली के बुजुर्ग इसका लाभ नहीं ले सकते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके लिए दुख भी व्यक्त किया था। भाजपा ने कहा है कि वह दिल्ली के बुजुर्गों को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने के लिए हाई कोर्ट में अपील दायर करेगी। वहीं, दिल्ली सरकार ने अपनी स्वास्थ्य योजना को आयुष्मान योजना से बेहतर बताते हुए दिल्ली में इसकी आवश्यकता से इनकार किया है।
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि केंद्र सरकार ने आयुष्मान योजना के अंतर्गत देश के सभी बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा दे दी है। अब 70 वर्ष या इससे अधिक उम्र के सभी वर्ग के बुजुर्ग पांच लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त प्राप्त कर सकते हैं। पूरे देश के इस योजना के लगभग 6 करोड़ लाभार्थी हो सकते हैं। सचदेवा ने कहा कि, लेकिन दिल्ली के बुजुर्ग इस योजना का लाभ नहीं ले सकते क्योंकि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने इसे राजधानी क्षेत्र में लागू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह सीधे-सीधे क्षुद्र राजनीति के लिए आम नागरिकों के हितों को चोट पहुंचाना है। इसके लिए दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल को कभी माफ नहीं करेगी।
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अपनी स्वास्थ्य योजना को बेहतर बताती है, लेकिन इसकी असलियत कई बार सामने आ चुकी है। मोहल्ला क्लीनिकों में एक ही मोबाइल नम्बर पर हजारों लोगों के टेस्ट का पर्दाफाश हो चुका है, दिल्ली के अस्पतालों में नकली दवाएं देने के मामले पर अभी भी जांच चल रही है और सरकार ने अभी तक कोई नया अस्पताल नहीं बनाया है।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने दिल्ली सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि राजधानी में सरकार के आंकड़े खुद यह बताते हैं कि दिल्ली में एक दशक पहले की तुलना में अब अस्पताल, मैटरनिटी होम की संख्या में कमी आ चुकी है। CAG रिपोर्ट के सहारे उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों की दुर्दशा सबके सामने आ चुकी है, लेकिन इसके बाद भी केजरीवाल बुजुर्गों को आयुष्मान योजना का लाभ नहीं लेने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ दिल्ली के बुजुर्गों को दिलाने के लिए भाजपा के सभी सांसद उच्च न्यायालय जाएंगे और दिल्ली में इस योजना को लागू करवाने का प्रयास करेंगे।