जम्मू-कश्मीर में मुफ्ती मोहम्मद सईद के बाद उनकी बेटी महबूबा मुफ्ती के साथ सरकार बनाने वाली भाजपा एनआईटी मामले में अलगाववादी नेता मसर्रत आलम मामले की तरह sssअपना रुख नरम नहीं करेगी।
मुफ्ती के साथ सरकार बनाते ही भाजपा ने भारत विरोधी नारे लगाने वाले मसर्रत को गिरफ्तार करने के लिए मजबूर किया था। भाजपा अब महबूबा मुफ्ती के साथ भी यही सियासी दांव आजमाएगी। इस क्रम में पार्टी गैर कश्मीरी छात्रों की बर्बर पिटाई करने वाले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ हर हाल में कार्रवाई का दबाव बनाना जारी रखेगी।
इसके अलावा राष्ट्रवाद के मोर्चे पर कठोर संदेश देने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय ने एनआईटी निदेशक रजत गुप्ता और कुछ अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का मन बनाया है। मामले की जांच के लिए मंत्रालय की ओर से भेजी गई तीन सदस्यीय टीम ने विवाद के लिए एनआईटी के शीर्ष अधिकारियों की लापरवाही और हालात न संभाल पाने को भी जिम्मेदार माना है।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रवाद के सवाल पर कदम पीछे खींचना पार्टी के लिए आत्मघाती होगी। यही कारण है कि मुफ्ती की अगुवाई में सरकार बनने के तत्काल बाद जब अलगाववादी नेता मसर्रत आलम ने भारत विरोधी नारेबाजी की तो सरकार को उसकी गिरफ्तारी पर मजबूर किया गया। अब महबूबा के साथ दूसरी पारी शुरू करते ही एनआईटी मामले में फिर राष्ट्रवाद का सवाल खड़ा हो गया है।
यही कारण है कि पार्टी ने इस मामले में पुलिस और प्रशासन के दोषी लोगों के खिलाफ हर हाल में कार्रवाई सुनिश्चित कराने का मन बनाया है। इससे जहां भाजपा राष्ट्रवाद के मोर्चे पर पूरे देश को सियासी संदेश दे सकेगी, वहीं मुख्यमंत्री और पीडीपी को भी उचित संदेश दिया जा सकेगा।
''पुलिस की ओर से बरती गई बर्बरता की जांच हो रही है। दोषियों के खिलाफ हर हाल में कार्रवाई होगी। हमने पहले ही कहा है कि छात्रों के साथ इस तरह का बर्बर सलूक हमें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।'' -श्रीकांत शर्मा, राष्ट्रीय सचिव, भाजपा