तमिलनाडु में चुनावी सरगर्मी चरम पर है। भारतीय जनता पार्टी यहां पैठ बनाने की भरपूर कोशिश में जुटी हुई है। भाजपा महासचिव और तमिलनाडु के प्रभारी
मुरलीधर राव से विनोद अग्निहोत्री की बातचीत--
सवाल: तमिलनाडु में भाजपा को कितनी सीटें जीतने की उम्मीद है?
राव: तमिलनाडु में पहली बार भारतीय जनता पार्टी अपने बलबूते करीब 156 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि 24 सीटों पर हमने एक स्थानीय पार्टी के उम्मीदवारों को अपना चुनाव चिन्ह दिया है। कई सीटों पर भाजपा के पक्ष में चौंकाने वाले नतीजे आएंगे। इनमें कई हम जीत भी सकते हैं। भाजपा का वोट
प्रतिशत भी बढ़ेगा।
सवाल: यानी भाजपा यहां सरकार बनाने के लिए चुनाव नहीं लड़ रही है?
राव: किसी भी चुनाव में जब कोई भी दल मैदान में उतरता है तो उसका उद्देश्य बहुमत पाकर सरकार बनाना ही होता है। लेकिन तमिलनाडु में पिछले कई दशकों से दो ध्रुवीय राजनीति हो रही है। बारी-बारी से द्रविड़ राजनीति की दोनों पार्टियों को जनता मौका देती रही है। लंबे समय बाद एक गैर द्रविड़ राजनीतिक दल भाजपा ने खुद को इतनी ज्यादा सीटों पर उतारा है। हम यहां जनता को डीएमके और एआईडीएमके से एक अलग विकल्प दे रहे हैं।
सवाल: लोकसभा चुनावों की तुलना में भाजपा का प्रदर्शन कैसा रहेगा?
राव: लोकसभा चुनावों में भाजपा को 5.3 प्रतिशत मत मिले और हमने कन्याकुमारी की लोकसभा सीट भी जीती। हमारी कोशिश है कि विधानसभा चुनावों में हम अपना मत प्रतिशत भी बढ़ाएं और सीटें भी इतनी जीतें कि सरकार के गठन में भाजपा की भूमिका हो।
सवाल: लेकिन लोकसभा चुनाव में भाजपा ने चार दलों के साथ मिलकर एक इंद्रधनुषी गठबंधन बनाया था। इस बार वैसा नहीं है। इसका क्या फर्क पड़ेगा?
राव: इस बार भाजपा ने राज्य के बड़े दलों के साथ भले ही गठबंधन नहीं किया, लेकिन हमने क्षेत्रीय स्तर पर अपने समाजों में असर रखने वाले कुछ दलों के साथ गठबंधन किया है। एसआरएम शिक्षण संस्थानों के संचालक के दल आईजेके को 45 सीटें दी हैं। वह अपने चुनाव निशान पर चुनाव लड़ रहे हैं। देवेंद्रास समाज के दल, तेवर समाज के दल के उम्मीदवारों को 24 सीटों पर भाजपा का चुनाव निशान दिया है। इसी तरह यादव समाज के दल के साथ भी गठबंधन किया है। इन दलों का अपने अपने समाजों पर अच्छा असर है। फिर इस बार भाजपा पूरे प्रदेश में चुनाव लड़ रही है। इसका फायदा भी मिलेगा।
सवाल: तमिलनाडु में भाजपा के पास कोई चेहरा नहीं है। क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के भरोसे ही पार्टी चुनाव लड़ रही है?
राव: भाजपा पहली बार इतने व्यापक स्तर पर चुनाव लड़ रही है। अब जब पार्टी खड़ी हो गई है तो आगे चलकर चेहरा भी बन जाएगा। स्थानीय स्तर पर विधानसभा सीटों पर हमारे कई उम्मीदवार लोकप्रिय और मजबूत चेहरा हैं। राज्य स्तर पर आगे चलकर चेहरा भी सामने आ जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा हैं। तमिलनाडु की जनता के बीच हम मोदी जी की नीतियों और कार्यक्रमों और उनके सुशासन व विकास के नारे को लेकर जा रहे हैं। लोगों में मोदी जी के प्रति वही आकर्षण है जो लोकसभा चुनाव में था।