शिवकुमार ने कहा, हम प्रतिशोध की राजनीति नहीं कर रहे हैं। बल्कि हम कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम कर रहे हैं। हम एक शांतिप्रिय राज्य हैं। यहां असामाजिक गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने भाजपा पर मामले का राजनीतिकरण करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य के गृह मंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार केवल लंबित मामलों को निपटाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, कानून का उल्लंघन और राज्य का अपमान करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। भाजपा सात महीने तक विपक्ष के नेता का चुनाव नहीं कर सकी। अब जब आम चुनाव नजदीक आ रहे हैं, तो वे इन मुद्दों को यह दिखाने के लिए उठा रहे हैं कि वे राजनीतिक रूप से जीवित हैं। लोकतंत्र में लोग जवाब देंगे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम उनके जैसे अन्य दलों के पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज नहीं कर रहे हैं। भाजपा ने अपने कार्यकाल के दौरान बंगलूरू और हुबली में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कितने मामले दर्ज किए हैं। हमने ऐसा कुछ नहीं किया है और हम भविष्य में भी ऐसा नहीं करेंगे।'
हुबली में पुलिस थाने पर प्रदर्शन करने की विपक्षी पार्टी की योजना के बारे में पूछे जाने पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वे ऐसा कर सकते हैं। उन्हें ऐसा करने दें। जब वे सत्ता में थे तो उन्होंने राज्य पुलिस की खाकी वर्दी का भगवाकरण कर दिया था, हम ऐसी चीजें नहीं करेंगे।
आय से अधिक संपत्ति के मामले को सीबीआई से लोकायुक्त को स्थानांतरित करने के कथित कदम के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा, 'जब मुझे नोटिस मिलेगा तो मैं टिप्पणी करूंगा।'