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भाजपा मोदी के नाम पर ही लड़ेगी उत्तर प्रदेश का चुनाव

Wed, 12 Oct 2016 08:31 PM IST
विनोद अग्निहोत्री/ अमर उजाला, दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा अब किसी चेहरे को अपना मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनाकर मैदान में नहीं उतरेगी। बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को ही आगे करके चुनाव लड़ेगी।
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आमतौर पर दशहरे के दिन रावण वध और रावण दहन के समय दिल्ली की रामलीलाओं में प्रधानमंत्री के मौजूद रहने की दशकों पुरानी परंपरा से अलग लखनऊ जाकर दशहरा मनाने का पीएम नरेंद्र मोदी का फैसला भाजपा की इसी चुनावी रणनीति की शुरुआत है। यह जानकारी देने वाले भाजपा और संघ के सूत्रों का कहना है कि पाक अधिकृत कश्मीर में घुसकर आतंकवादी लांच पैडों को नष्ट करने के लिए हुई सेना की सर्जिकल हमले की सफलता के बाद संघ और भाजपा नेतृत्व दोनों इस बात पर सहमत हैं कि अब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अलग से किसी चेहरे को आगे करने की जरूरत नहीं रह गई है।

सर संघ चालक मोहन भागवत, भैया जी जोशी, कृष्ण गोपाल, दत्तात्रेय होसबोले आदि संघ के सभी शीर्ष नेताओं और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, संगठन महासचिव रामलाल, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, महासचिव राम माधव, मुरलीधर राव आदि सभी वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि सितंबर के आखिर में हुई सेना की इस जोरदार कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री मोदी की छवि में जो जोरदार इजाफा हुआ है, उसके बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा के पक्ष में लोकसभा चुनावों जैसी मोदी लहर फिर बन सकती है।
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रातोंरात लगे मोदी-परिकर के पोस्टर और होर्डिंग्स

स्पीच देते मोदी
बताया जाता है कि इसी रणनीति के तहत सेना की कार्रवाई के फौरन बाद उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों में सैनिक कार्रवाई की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री मनोहर परिकर के चित्रों वाले पोस्टर और होर्डिंग्स रातोंरात लग गए।

इनमें इस सर्जिकल हमले को आतंकवाद और पाकिस्तान के प्रति मोदी सरकार की सख्त आक्रामक नीति का नतीजा बताया गया। साथ ही आगरा और लखनऊ में रक्षामंत्री मनोहर परिकर का सम्मान इस तरह किया गया जैसे भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई बड़ा युद्ध जीता हो। हालांकि सेना की कार्रवाई के चुनावी इस्तेमाल की भाजपा की इस कोशिश ने विपक्ष को उस पर हमले और सैनिक कार्रवाई के सुबूत मांगने का मौका भी दिया, लेकिन भाजपा और संघ दोनों ही विपक्षी हमलों को अपने लिए इसलिए फायदेमंद मान रहे हैं कि इनसे राष्ट्रवादी सोच और ताकतों का ध्रुवीकरण भाजपा के पक्ष में और तेजी से हो सकेगा।

इसीलिए विपक्षी हमलों की परवाह किए बिना दशहरे की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लखनऊ की प्रसिद्ध ऐशबाग की रामलीला में रावण वध के दौरान मौजूद रहने का कार्यक्रम बनाया गया। जबकि आजादी के बाद से ही दशहरे के दिन हर प्रधानमंत्री दिल्ली के रामलीला मैदान और लाल किले की रामलीलाओं में मौजूद रहते आए हैं।

लेकिन लीक से हटकर कुछ नया करने के आदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशहरे के दिन लखनऊ पहुंचकर यह संकेत दे दिया है कि भविष्य में उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में आतंकवाद रूपी रावण का दहन एक बड़ा मुद्दा होगा और इस मुद्दे पर भाजपा सपा, बसपा व कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए राष्ट्रवाद के नारे के पीछे हिंदुत्व ध्रुवीकरण का अपना प्रिय कार्ड पूरी आक्रामकता से खेलेगी और प्रधानमंत्री मोदी को मजबूती देने के नाम पर ही उत्तर प्रदेश की जनता से वोट मांगेगी।
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