उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा अब किसी चेहरे को अपना मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनाकर मैदान में नहीं उतरेगी। बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को ही आगे करके चुनाव लड़ेगी।
आमतौर पर दशहरे के दिन रावण वध और रावण दहन के समय दिल्ली की रामलीलाओं में प्रधानमंत्री के मौजूद रहने की दशकों पुरानी परंपरा से अलग लखनऊ जाकर दशहरा मनाने का पीएम नरेंद्र मोदी का फैसला भाजपा की इसी चुनावी रणनीति की शुरुआत है। यह जानकारी देने वाले भाजपा और संघ के सूत्रों का कहना है कि पाक अधिकृत कश्मीर में घुसकर आतंकवादी लांच पैडों को नष्ट करने के लिए हुई सेना की सर्जिकल हमले की सफलता के बाद संघ और भाजपा नेतृत्व दोनों इस बात पर सहमत हैं कि अब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अलग से किसी चेहरे को आगे करने की जरूरत नहीं रह गई है।
सर संघ चालक मोहन भागवत, भैया जी जोशी, कृष्ण गोपाल, दत्तात्रेय होसबोले आदि संघ के सभी शीर्ष नेताओं और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, संगठन महासचिव रामलाल, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, महासचिव राम माधव, मुरलीधर राव आदि सभी वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि सितंबर के आखिर में हुई सेना की इस जोरदार कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री मोदी की छवि में जो जोरदार इजाफा हुआ है, उसके बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा के पक्ष में लोकसभा चुनावों जैसी मोदी लहर फिर बन सकती है।