कोलकाता से सटे उत्तर 24-परगना जिले के हिंसाग्रस्त भाटपाड़ा इलाके में शनिवार को भाजपा के तीन सदस्यीय केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे के बाद तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों में नए सिरे से हिंसा भड़क उठी। इस दौरान दोनों ओर से देसी बम फेंके गए और पथराव किया गया। इसमें कई लोग घायल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इससे पहले शनिवार को कांग्रेस व माकपा के एक साझा प्रतिनिधिमंडल ने भी इलाके का दौरा किया और घटना की सीबीआई जांच की मांग उठाई।
ध्यान रहे कि भाटपाड़ा में दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस व भाजपा समर्थित दो गुटों के बीच हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी और 11 अन्य घायल हो गए थे। उसके बाद से ही इलाके में धारा 144 लागू है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। ऐहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस के जवान भी भारी तादाद में तैनात हैं। लेकिन बावजूद इसके शनिवार को दोनों गुट एक बार फिर आपस में भिड़ गए।
भाजपा सांसद एस.एस. आहलुवालिया के नेतृत्व में पार्टी के तीन सदस्यीय केंद्रीय दल ने शनिवार को भाटपाड़ा इलाके का दौरा किया और इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई। इस दल में सांसद सत्यपाल सिंह और वी.डी. राम भी शामिल थे। भाजपा नेताओं ने दो दिनों पहले हुई हिंसा में मृत दो लोगों के परिजनों से भी मुलाकात की। यह दल दिल्ली लौट कर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को रिपोर्ट सौंपेगा।
आहलुवालिया ने भाटपाड़ा समेत राज्य के विभिन्न इलाकों में जारी हिंसा के लिए ममता बनर्जी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए बंगाल में कानून व व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने का आरोप लगाया। आहलुवालिया ने कहा कि अमित शाह बंगाल में जारी हिंसा से दुखी व क्षुब्ध हैं। पूरे देश में अकेले इसी राज्य में ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने इलाके में हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए शनिवार को पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। हालात बेकाबू होते देख कर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। इलाके में भाजपा व तृणमूल कांग्रेस के समर्थक एक बार फिर भिड़ गए। दोनों तरफ से जम कर देसी बम फेंके गए और पथराव किया गया। इस घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना है। हिंसा में दो लोगों की मौत के बाद इलाके में तमाम दुकानें और बाजार बीते तीन दिनों से बंद हैं।