ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने रविवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक और भारतीय जनता पार्टी के विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाने का फैसला लिया है।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सूत्रों के अनुसार राज्य के बिजली एवं गैर-पारंपरिक ऊर्जा मंत्री सोवनदेब चट्टोपाध्याय कोलकाता के दक्षिणी हिस्से में कोरातला शमशान में मुखर्जी की प्रतिमा पर श्रद्धाजंलि अर्पित करेंगे।
बीते साल टीएमसी सरकार ने मुखर्जी की 65वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए एक महान दूरदर्शी और देशभक्त बताया था। हालांकि बीते साल एक कट्टरपंथी समूह ने श्मशान में लगी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया था। राज्य सरकार ने उस प्रतिमा की जगह पीतल की प्रतिमा लगवाई और चार लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।
पुण्यतिथि मनाने का समय 'अहम'
श्यामा प्रसाद मुखर्जी का 23 जून 1953 को श्रीनगर में निधन हुआ था। उनका जन्म 6 जुलाई 1901 में हुआ था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। जनसंघ से ही भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ था।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को ऐसे समय में मनाने का फैसला किया है, जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और टकराव चरम पर है। ममता बनर्जी भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं चूकतीं।
बता दें कि बीते लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा ने शानदार जीत हासिल की थी। पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से भाजपा ने 18 सीटों पर जीत का परचम लहराया था।
मूर्ति टूटने से बढ़ा था टकराव
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान 14 मई को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी। इसमें विद्यासागर की प्रतिमा खंडित हो गई थी। दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर मूर्ति तोड़ने का आरोप लगाया था। इसके बाद बनर्जी ने उसी जगह यानी की कोलकाता के विद्यासागर कॉलेज में नई मूर्ति लगवाई थी।