समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर कुछ आदिवासी समूहों के विरोध के बीच भाजपा सांसद और पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष समीर ओरांव ने सोमवार को विश्वास व्यक्त किया कि समुदाय को विशेष अधिकार मिलते रहेंगे।झारखंड से ताल्लुक रखने वाले आदिवासी सांसद ओरांव ने समुदाय के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों को रेखांकित किया और कहा कि उनके जैसा नेता यह सुनिश्चित करेगा कि उनके लिए बने विशेष कानून समाप्त नहीं हों।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर कुछ जनजातीय समूहों के विरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष समीर उरांव ने सोमवार को विश्वास जताया कि समुदाय को विशेष अधिकार मिलते रहेंगे।
भाजपा नेता ने कहा कि आदिवासियों और जनजातीय क्षेत्रों को उनके रीति-रिवाजों से संबंधित नियमों के अलावा संविधान की पांचवीं और छठी अनुसूची के तहत विशेष अधिकार प्राप्त हैं क्योंकि उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के प्रयास करते समय उन्हें विशेष विशेषाधिकार देना आवश्यक समझा गया था। ओरांव ने कहा कि जिनके पास इसे लेकर कोई भी विचार है, उन्हें विधि आयोग को सूचित करना चाहिए। विधि आयोग ने विभिन्न हितधारकों की राय मांगी है और उसकी रिपोर्ट की प्रतीक्षा करनी चाहिए।
जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए पीएम मोदी की "प्रतिबद्धता" की सराहना करते हुए उन्होंने मध्य प्रदेश की यात्रा के दौरान उनके साथ प्रधानमंत्री की हालिया बातचीत का जिक्र किया। यूसीसी पर विधि आयोग के परामर्श के साथ कुछ आदिवासी समूहों ने मांग की है कि उन्हें कानून से बाहर रखा जाए, जबकि विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ भाजपा पर इस मुद्दे को चुनावी हथकंडे के रूप में उपयोग करने का आरोप लगाया है।
पूर्वोत्तर के कुछ राज्य, जहां आदिवासी आबादी बहुसंख्यक है, ने भी इसका विरोध किया है। हाल ही में, मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के नेतृत्व में नगालैंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उन्हें अन्य मुद्दों के अलावा यूसीसी पर अपनी चिंताओं से अवगत कराया था और केंद्रीय गृह मंत्री ने सहानुभूतिपूर्वक सुनवाई का आश्वासन दिया था।
विधि पर संसदीय पैनल के अध्यक्ष और भाजपा सांसद सुशील मोदी ने हाल ही में अपनी बैठक में पूर्वोत्तर सहित देश के अन्य हिस्सों के आदिवासियों को किसी भी संभावित समान नागरिक संहिता के दायरे से बाहर रखने की वकालत की थी। समान नागरिक संहिता कानूनों के एक सामान्य समूह को संदर्भित करती है जो सभी नागरिकों पर लागू होते हैं और विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने सहित अन्य व्यक्तिगत मामले धर्म पर आधारित नहीं होते हैं। बता दें कि यूसीसी लंबे समय से भाजपा के तीन प्रमुख चुनावी मुद्दों में से एक रहा है। इनमें से दो मुद्दे जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त करना और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करना पूरा हो चुका है।