कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक जनसभा में अनुच्छेद 370 पर बोलने विवाद बढ़ता जा रहा है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। अब राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नैतिक रूप से राष्ट्रीय पार्टी होने का अधिकार खो चुकी है।
भाजपा इस बयान को गंभीरता से ले रही
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'दो दिन पहले ही जिन लोगों ने 'न्याय पत्र' का नाम लिया है और कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राजस्थान में कहा था कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां क्या बदलाव आते हैं। इससे स्पष्ट है कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के साथ कितना अन्याय हो सकता है। भाजपा इस बयान को गंभीरता से ले रही है।'
राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खोने की कगार पर
उन्होंने आगे कहा, 'इससे पता चलता है कि कांग्रेस पार्टी जो राजनीतिक और व्यवहारिक दोनों रूप से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खोने की कगार पर है, नैतिक रूप से राष्ट्रीय पार्टी होने का अधिकार खो चुकी है। अगर कोई पार्टी कहती है कि कश्मीर के दूसरे राज्यों के साथ एकीकरण का क्या मतलब है। कांग्रेस खुद को क्षेत्रीय ताकतों का समूह कह सकती है।'
केरल में हमास के पक्ष में रैलियां हो रहीं
त्रिवेदी ने कहा, 'इस्राइल-हमास युद्ध में फलस्तीन के मुद्दे पर भारत सरकार द्वारा अपना रुख स्पष्ट कर दिए जाने के बाद भी आपने (कांग्रेस) हमास के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया। क्यों? प्रियंका गांधी इस पर ट्वीट करती हैं। सोनिया गांधी एक लेख लिखती हैं । केरल में हमास के पक्ष में रैलियां आयोजित की जाती हैं।'
उन्होंने कहा, 'उनकी (कांग्रेस) बहुत साफ रणनीति है। भारत को क्षेत्र, भाषा, जाति और राज्य के आधार पर बांटना चाहती है और हमास के लिए देश से परे कुछ शक्तियों के साथ संपर्क स्थापित करना चाहती है।केरल में मुस्लिम लीग कांग्रेस की मुख्य सहयोगी है और कांग्रेस ने इस हद तक समझौता किया है कि वायनाड में राहुल गांधी के नामांकन के दौरान कांग्रेस के झंडे नहीं देखे गए थे।'
यह जुबान फिसलने का मुद्दा नहीं
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, 'यह शर्मनाक है कि खरगे जी को यह नहीं पता कि जो अनुच्छेद निरस्त किया गया वह 371 नहीं बल्कि 370 था। यह जुबान फिसलने का मुद्दा नहीं है। इन लोगों ने जम्मू-कश्मीर को हमेशा अलग-थलग रखा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को कभी भारत का हिस्सा नहीं माना। ये लोग कह रहे हैं कि कश्मीर की चर्चा राजस्थान में नहीं होनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।'
यह है मामला
हाल ही में राजस्थान के चुरु में एक जनसभा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अनुच्छेद 370 का जिक्र किया था, लेकिन उनकी जुबान फिसल गई। खरगे के मुंह से 370 की जगह 371 निकल गया था। दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष कह रहे थे, ‘अमित शाह यहां आकर कहते हैं कि उन्होंने कश्मीर में अनुच्छेद 371 हटा दिया। अरे भई यहां के लोगों को इससे क्या वास्ता है? ठीक है आप ये बातें कश्मीर में जाकर बोल सकते हैं, जम्मू में बोल सकते हैं लेकिन यहां इसका कोई मतलब नहीं।'