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महायुति में महासंग्राम: भाजपा मंत्री गणेश नाइक के बयान से भड़के शिवसेना सांसद; कह दी ये बड़ी बात

Tue, 27 Jan 2026 09:08 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महायुति में बयानबाजी से तनाव बढ़ता दिख रहा है। शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने भाजपा से मंत्री गणेश नाइक को संयम में रखने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नाइक के बयान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को निशाना बनाते हैं और इससे गठबंधन की एकता को नुकसान हो सकता है। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
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नरेश म्हस्के, शिवसेना सांसद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में बयानबाजी से तनाव बढ़ता दिख रहा है। शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने भाजपा नेतृत्व से अपील की है कि वह अपने नेता और मंत्री गणेश नाइक को संयम में रखें। म्हस्के का कहना है कि गणेश नाइक के बयान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को निशाना बनाते हैं और इससे गठबंधन की एकता को नुकसान पहुंच सकता है।

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पूरा विवाद क्या है?
यह विवाद उस बयान के बाद भड़का, जिसमें गणेश नाइक के कथित तौर पर यह कहने का जिक्र हुआ कि अगर भाजपा इजाजत दे तो हम उनका अस्तित्व खत्म कर सकते हैं। यह टिप्पणी शिंदे के संदर्भ में मानी गई, जिसके बाद शिवसेना मंत्रियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और जवाब देने की चेतावनी दी। इसी पृष्ठभूमि में नरेश म्हस्के ने महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की।

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म्हस्के ने भाजपा से क्या कहा?
म्हस्के ने अपने पत्र में कहा कि शिवसेना हर राजनीतिक चुनौती का जवाब देने में सक्षम है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर ऐसे बयान गठबंधन के हित में नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गणेश नाइक अपनी राजनीतिक निराशा सार्वजनिक रूप से जाहिर कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने भाजपा नेतृत्व से आग्रह किया कि नाइक के बयानों और गतिविधियों की समीक्षा की जाए, इससे पहले कि उन्हें कोई और जिम्मेदारी सौंपी जाए।

क्यों बताया बयान गठबंधन के लिए खतरनाक?

  • म्हस्के ने कहा कि गणेश नाइक ने सार्वजनिक रूप से नवी मुंबई से शिवसेना को खत्म करने की बात कही।
  • ऐसे बयान सहयोगी दलों के बीच अविश्वास बढ़ाते हैं।
  • स्थानीय निकायों में मिलकर लड़े गए चुनावों पर असर पड़ता है।
  • कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम और टकराव पैदा होता है।
  • महायुति की स्थिरता पर सवाल खड़े होते हैं।


महायुति का पिछला रिकॉर्ड क्या रहा है?
शिवसेना सांसद ने याद दिलाया कि भाजपा और शिवसेना ने मिलकर कई नगर निकाय चुनाव जीते हैं, जिनमें कल्याण-डोंबिवली, ठाणे और मुंबई शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दोनों दलों ने साथ मिलकर महाविकास आघाड़ी सरकार को सत्ता से हटाया और महायुति की सरकार बनाई। वैचारिक मतभेदों के बावजूद गठबंधन ने स्थिर सरकार दी है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिंदे के नेतृत्व में चल रही है।

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नवी मुंबई और पुरानी प्रतिद्वंद्विता का क्या रोल?
गणेश नाइक और एकनाथ शिंदे पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। नवी मुंबई लंबे समय तक गणेश नाइक का गढ़ रहा है, जहां उन्होंने ढाई दशक से ज्यादा समय तक नगर निगम पर नियंत्रण रखा। हालांकि म्हस्के ने दावा किया कि शिवसेना ने दिवंगत आनंद दिघे के नेतृत्व में नाइक को हराया था और हाल में नवी मुंबई नगर निगम में 42 सीटें जीती हैं। उन्होंने कहा कि शिवसेना के कमजोर पड़ने के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते।

म्हस्के के पत्र को महायुति के भीतर बढ़ते असंतोष के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। शिवसेना का संदेश साफ है कि गठबंधन की मर्यादा बनी रहनी चाहिए। अब निगाहें इस पर हैं कि भाजपा नेतृत्व गणेश नाइक के बयानों पर क्या रुख अपनाता है और क्या यह विवाद समय रहते थमता है या आगे और सियासी तनाव बढ़ाता है।

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