देश में मीडिया पर बढ़ते हमलों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को चुटकी लेते हुए कहा कि वह भी इन हमलों के शिकार हैं। गांधी ने कहा कि कांग्रेस स्वतंत्र चर्चा (फ्री डिस्कशन) पर भरोसा करती है।
'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान वायनाड सांसद ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, क्या आपने नोटिस किया कि देशभर में मुझ पर इतने हमले हो रहे हैं? आपने देखा मेरी छवि पर हमले हो रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, कांग्रेस में पत्रकारों का सामना करने की हिम्मत है। हम डरते नहीं है। भाजपा को सच्चाई का सामना करना पसंद नहीं है और वह पत्रकारों से डरती है। गाधी ने आगे पूछा, क्या आपने कभी प्रधानमंत्री को ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते देखा है?
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, कांग्रेस की एक संस्कृति है, जहां वह पत्रकारों को अपने सहयोगी के रूप में देखती है। उन्होंने आगे कहा, हम जानकारी चाहते हैं और समझना चाहते हैं कि क्या हो रहा है। हम पत्रकारों को ऐसे लोगों के रूप में देखते हैं, जो हमें शासन करने के लिए जानकारी देते हैं, न कि ऐसे लोगों के रूप में देखते हैं जिन्हें चुप कराया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने आंध्र प्रदेश में अपनी पार्टी के विकास के लिए जगह देखते हुए कहा कि राज्य के तीन राजनीतिक दल निगमों/ व्यवसायों की तरह चल रहे हैं। गांधी ने अतीत में जाने से इनकार किया और कहा कि उन्हें केवल भविष्य में दिलचस्पी है। राहुल गांधी 'भारत जोड़ो यात्रा' को आंध्र प्रदेश में कांग्रेस के पुनर्निर्माण की दिशा में शुरुआती मान रहे हैं।
यहा प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, आंध्र प्रदेश में तीन पार्टियां राजनीतिक दल की तुलना में निगम या व्यवसाय ज्यादा हैं। इन्हें कॉरपोरेट पहचान पर आधारित सिस्टम से चलाया जा रहा है।
अपनी पार्टी के लिए जगह देखते हुए गांधी ने कहा, मैं इस चीज को किसानों, मजदूरों और गरीब लोगों के साथ चलकर देख रहा हूं। इसलिए यह हमारा ध्यान केंद्रित करने वाला है।
राहुल गांधी ने कहा कि उनकी यात्रा को राज्य से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेता भी उनके उत्साह और लोगों की प्रतिक्रिया से हैरान थे।
आंध्र प्रदेश का विभाजन होने के बाद तेलंगाना अलग राज्य बनने के बाद कांग्रेस के पास राज्य में बहुत कम राजनीतिक मौजूदगी रह गई है। कुछ स्थानीय निकायों में कुछ वार्ड सदस्यों को छोड़कर कांग्रेस का राज्य विधानमंडल या आंध्र प्रदेश से सांसद के रूप में कोई राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं है।
इस बारे में पूछे जाने पर राहुल गांधी ने सिर्फ इनता ही कहा, मुझे यहां अतीत में जाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में सभावित राजनीतिक गठजोड़ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह स्थानीय नेताओं को तय करना है, क्योंकि यह उनका अधिकार क्षेत्र है।