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Maharashtra: भाजपा की बढ़ेंगी मुश्किलें? हर्षवर्द्धन ने चुनाव लड़ने पर तोड़ी चुप्पी, बोले- पितृ पक्ष के बाद...

Sat, 28 Sep 2024 05:15 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारामती

सार

हर्षवर्द्धन पाटिल ने 1995, 1999, 2004 और 2009 के चुनावों में इंदापुर से निर्दलीय के साथ-साथ कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 2014 और 2019 में यह सीट एनसीपी के दत्तात्रेय भरणे ने जीती।
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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस से चर्चा करते भाजपा नेता हर्षवर्द्धन पाटिल। (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र में भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि  भाजपा नेता हर्षवर्द्धन पाटिल ने विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने शनिवार को कहा कि वह पितृ पक्ष समाप्त होने के बाद पुणे की इंदापुर सीट से चुनाव लड़ने का फैसला लेंगे। दरअसल, इंदापुर सीट से अभी एनसीपी अजित पवार के नेता दत्तात्रेय भरणे विधायक हैं और महाराष्ट्र में एनसीपी का शिवसेना और भाजपा से गठबंधन है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि हर्षवर्द्धन एनसीपी शरद में शामिल हो सकते हैं। 

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हर्षवर्द्धन पाटिल ने 1995, 1999, 2004 और 2009 के चुनावों में इंदापुर से निर्दलीय के साथ-साथ कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 2014 और 2019 में यह सीट एनसीपी के दत्तात्रेय भरणे ने जीती। पाटिल को 2019 के विधानसभा चुनाव में भरणे ने 3110 वोटों से हराया था। भरणे अब एनसीपी के अजित पवार गुट के साथ हैं, जो भाजपा और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है।

अब तक सत्तारूढ़ गठबंधन में सीट बंटवारे के फॉर्मूले को अंतिम रूप नहीं दिया गया है, लेकिन इंदापुर सीट अजीत पवार गुट के पास जाती है, तो हर्षवर्द्धन को टिकट मिलना मुश्किल नजर आता है।  चुनाव लड़ने को लेकर शनिवार को पाटिल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मैं निर्वाचन क्षेत्र में जनता दरबार आयोजित कर रहा हूं। कई लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मैं इंदापुर से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ूं। चूंकि मैं लोगों की राय पर विचार करता हूं। लोकतंत्र में लोग सर्वोच्च हैं, मुझे निर्णय लेने की जरूरत है। इसलिए पितृ पक्ष समाप्त होने के बाद मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की मांग पर निर्णय लूंगा।
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बता दें कि महाराष्ट्र में इस साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। महाराष्ट्र में भाजपा-एनसीपी (अजित) और शिवसेना का गठबंधन है। जो इस वक्त सत्ता में हैं। इसके अलावा विपक्ष में कांग्रेस, एनसीपी शरद और शिवसेना उद्धव का गठबंधन है। 
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