फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maratha quota: भाजपा नेता दानवे की मराठा आरक्षण कार्यकर्ताओं को सलाह, कहा- विपक्ष का इस मुद्दे पर जानें रुख

Wed, 31 Jul 2024 01:11 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

रावसाहेब दानवे ने कहा कि मराठा कार्यकर्ताओं को इस बात पर जोर देना चाहिए कि अगर आप ओबीसी कोटा के तहत आरक्षण देने जा रहे हैं तो इसे अपने घोषणापत्र में जरूर जोड़ें।
 
विज्ञापन
पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर लगातार बहस जारी है। अब भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने बुधवार को मराठा आरक्षण से जुड़े कार्यकर्ताओं को सलाह दी। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें विपक्ष का रुख जानना चाहिए। वहीं उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए कि वह मराठाओं को ओबीसी कोटे से आरक्षण देना चाहता है या नहीं। 

विज्ञापन


हमारा रुख स्पष्ट: पूर्व केंद्रीय मंत्री
पूर्व में महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख रहे दानवे ने पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी का रुख स्पष्ट है कि वह अन्य समुदायों के हितों को नुकसान पहुंचाए बगैर मराठों को आरक्षण देना चाहती है। उन्होंने आगे कहा, 'मराठा आरक्षण से जुड़े कार्यकर्ताओं को सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के पास जाना चाहिए और उनका इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख पूछना चाहिए। उनसे जानना चाहिए वह क्या चाहते हैं कि मराठाओं को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कोटा से आरक्षण दिया जाना चाहिए या नहीं। पहले इन कार्यकर्ताओं को कांग्रेस के पास जाना चाहिए। उसके बाद एनसीपी (एसपी) और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास जाना चाहिए।'

रावसाहेब दानवे ने आगे कहा, 'उन्हें (मराठा कार्यकर्ताओं को) इस बात पर जोर देना चाहिए कि अगर आप ओबीसी कोटा के तहत आरक्षण देने जा रहे हैं तो इसे अपने घोषणापत्र में जरूर जोड़ें।'
विज्ञापन


ठाकरे के बयान पर आई भाजपा नेता की प्रतिक्रिया
बता दें, भाजपा नेता की यह टिप्पणी शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के एक बयान के बाद सामने आया है। दरअसल, ठाकरे ने कहा था कि आरक्षण के मुद्दे को केवल केंद्र सरकार द्वारा 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा को हटाने के लिए संशोधन पारित करके ही सुलझाया जा सकता है। राज्य सरकार के पास इस मुद्दे को सुलझाने का अधिकार नहीं है।

अब केंद्र की ओर उठा रहे अंगुली
मराठा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को ठाकरे से उनके आवास पर मुलाकात भी की थी। दानवे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। वह दो दिनों तक कार्यकर्ताओं से नहीं मिले और फिर कहा कि यह (मराठों को आरक्षण देना) केंद्र का काम है। उन्होंने कहा कि जब तक मराठा समुदाय ने आरक्षण पर उनका रुख नहीं पूछा, वे महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति सरकार पर अंगुली उठाते रहे। जैसे ही मराठा समुदाय ने महा विकास आघाडी से सवाल पूछने शुरू किए तो उन्होंने केंद्र पर अंगुली उठा दी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें