भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा रांची में जनजातीय सम्मेलन को संबोधित हुए कहा कि आज भारत में गरीबी की रेखा 22 फीसदी से घटकर केवल 10 फीसदी रह गई है। यानी करीब 12 फीसदी लोग गरीबी की रेका से बाहर निकल गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में आदिवासी हैं।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा रांची में जनजातीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जब भारत में आजादी का आंदोलन शुरू भी नहीं हुआ था, उस समय अंग्रेजों के खिलाफ अगर किसी ने आवाज उठाई थी तो ह मारे आदिवासी भाईयों ने उठाई थी। 1780 यानी 18वीं शताब्दी से 1857 तक ये लड़ाई सबसे पहले हमारे आदिवासी भाइयों ने लड़ी।
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नड्डा ने कहा, ''ये भाजपा और भाजपा के नेता ही हैं जो कह सकते हैं कि हमने आदिवासियों के लिए ये-ये काम किए हैं। लेकिन आदिवासियों के नाम पर चलने वाले राजनीतिक दल कुछ नहीं बोल सकते, वो बोलेंगे तो केवल यही बोलेंगे कि उन्होंने आदिवासियों को कैसे लूटा, कैसे उन्होंने आदिवासियों के साथ विश्वासघात किया।''
नड्डा ने आगे कहा कि आदिवासी भाइयों की अगर किसी ने चिंता की है तो आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी ने की है। मोदी सरकार में आज आठ आदिवासी भाई मंत्री हैं।
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भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा, ''आज भारत में गरीबी की रेखा 22 फीसदी घटकर केवल 10 फीसदी रह गई है। यानी करीब 12 फीसदी लोग गरीबी की रेखा से बाहर निकल गए हैं। इन 12 फीसदी में एक बड़ी संख्या हमारे आदिवासी भाईयों की है। ''
नड्डा ने कहा, ''प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत देशभर में तीन करोड़ से अधिक आवास बनाकर दिए गए हैं। इनमें से 39 लाख मकान आदिवासी भाइयों के लिए स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 29 लाख बनकर तैयार हो चुके हैं।''