फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

BJP: जेपी नड्डा पहली बार लड़ सकते लोकसभा चुनाव, राज्यसभा के अन्य सांसदों को भी आजमा सकती है भाजपा

Thu, 04 Jan 2024 06:09 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पार्टी सूत्रों का कहना है कि राज्यसभा के दिग्गजों के मैदान में उतरने से लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में वातावरण बनेगा। वह इसलिए कि वर्तमान मोदी सरकार में कई वरिष्ठ मंत्री राज्यसभा के सदस्य हैं।
विज्ञापन
JP Nadda - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत राज्यसभा से जुड़े सभी बड़े दिग्गज लोकसभा चुनाव मैदान में नजर आएंगे। पार्टी ने ऐसे ज्यादातर दिग्गजों को उनके मूल राज्य से ही चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है। नड्डा के अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश से ही चुनाव लड़ने की चर्चा है। तीन बार के विधायक और राज्यसभा में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा करने जा रहे नड्डा का यह पहला लोकसभा चुनाव होगा।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि राज्यसभा के दिग्गजों के मैदान में उतरने से लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में वातावरण बनेगा। वह इसलिए कि वर्तमान मोदी सरकार में कई वरिष्ठ मंत्री राज्यसभा के सदस्य हैं। इन मंत्रियों के साथ कई वरिष्ठ नेताओं  को पहले ही लोकसभा की अपनी पसंदीदा सीट बताने के लिए तीन विकल्प दिए गए थे। ज्यादातर मंत्रियों और सांसदों ने इससे पार्टी नेतृत्व को अवगत करा दिया है।

दो से अधिक कार्यकाल नहीं देने की नीति

विज्ञापन

दरअसल पार्टी ने राज्यसभा में एक नेता को दो से अधिक कार्यकाल नहीं देने की नीति बनाई है। इसी नीति के तहत केंद्र सरकार में मंत्री रहते मुख्तार अब्बास नकवी को राज्यसभा का टिकट नहीं दिया गया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर नड्डा लोकसभा चुनाव मैदान में उतरे तो इससे इस नीति के प्रति सकारात्मक संदेश जाएगा। गौरतलब है कि नड्डा का राज्यसभा में यह दूसरा कार्यकाल है। उनका यह कार्यकाल इसी साल पूरा हो रहा है।

नई दिल्ली कई मंत्रियों की पसंद
कई मंत्रियों ने नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। इनमें कई हाईप्रोफाइल मंत्री भी हैं। हालांकि नेतृत्व चाहता है कि हाईप्रोफाइल मंत्री अपने मूल राज्य से चुनाव लड़ें। खासतौर से ऐसे मंत्री जिनके मूल राज्य में पार्टी का संगठन कमजोर है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन दिग्गजों के अपने मूल राज्य में लोकसभा चुनाव लड़ने से पार्टी संगठन को मजबूती मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें