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महागठबंधन को रोकने के लिए बीजेपी-आरएसएस का यह है मास्टर प्लान 2019

Fri, 24 Mar 2017 01:30 PM IST
amarujala.com- Written by : मोहित
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पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने विपक्ष को एकबार फिर एकजूट होने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में विपक्ष एकबार फिर महागठबंधन के लिए तैयार है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ  से इस चुनौती से लड़ने के लिए रणनीति बनाने को कहा है।
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भाजपा के चार प्रमुख नेताओं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम लाल, संयुक्त महासचिव शिवप्रकाश सिंह, सौदान सिंह और वी सतीश ने हाल ही में तमिलनाडु के कोयम्बटूर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक में भाग लिया।

सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में बीजेपी शीर्ष नेताओं ने आरएसएस को जहां पार्टी का संगाठत्मक ढ़ाचा कमजोर है वहां रणनीति बनाने को कहा है।

जानिए बीजेपी-आरएसएस बैठक की मुख्य बातें

RSS - फोटो : Amar Ujala
1. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में पार्टी के संगाठत्मक ढ़ाचे को मजबूत करने को कहा है।

2. 2019 के आम चुनावों में विपक्ष को महागठबंधन के रूप में उभरता देख बीजेपी नेताओं ने संगठन के साथ डाटा साझा कर राज्यों में राजनीतिक लाभ लेने के लिए संघ को उन जगहों पर कार्य करने को कहा है जहां पर पार्टी का संगाठत्मक ढांचा कमजोर है।

3. बीजेपी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी का 42  प्रतिशत  वोट मिले थे जबकि विपक्ष को कुल 55 प्रतिशत था।

4. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने संगठन से कहा है कि वह दलित और आदिवासी समुदायों से भी संपर्क साध उन्हें अपने साथ जोड़े।
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'एक कुआं, एक मंदिर और एक श्मशान'

5. बीजेपी ने आरएसएस को संगठन को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक काम करने के लिए भी कहा है।

6. आरएसएस पहले से ही हिंदूत्व कैंपेन 'एक कुआं, एक मंदिर और एक श्मशान' पर काम कर रहा है। संघ की यह रणनीति हिंदुओं के बीच जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए है।

7. यूपी चुनाव में जीत के बाद संघ ने व्यापक बदलाव किया है। बैठक में हुए निर्णय के बाद प्रचारकों के दायित्व में बदलाव किए गए हैं। प्रांत प्रचारकों के दायित्व में फेरबदल किया गया है।
वाराणसी के प्रांत प्रचारक को पूर्वी यूपी में भेजा संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई  है।

8. वहीं गोरखपुर के प्रांत प्रचारक जो कि योगी आदित्यनाथ के करीबी माने  जाते है उन्हें लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है। अवध के प्रांत प्रचारक को कानपुर की जिम्मेदारी दी गई है।
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