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भाजपा संगठन: स्मृति ईरानी, राम माधव की वापसी, नवीन की टीम में भी वसुंधरा बरकरार, किसे क्या मिली जिम्मेदारी?

Mon, 17 Aug 2026 05:51 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में महिलाओं को पहले से अधिक प्रतिनिधित्व मिला है। 65 पदाधिकारियों में 12 महिलाएं हैं, जबकि 13 उपाध्यक्षों में छह महिलाएं शामिल हैं। स्मृति ईरानी को महामंत्री बनाया गया है। भाजपा के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की पहली बैठक 22 अगस्त को होने की संभावना है। 
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नितिन नवीन की नई टीम में महिलाओं का बढ़ा दबदबा - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को अपनी नई टीम का एलान किया। पार्टी के 65 राष्ट्रीय पदाधिकारियों वाली इस टीम में महिलाओं की मौजूदगी खास तौर पर देखने को मिली है। कुल 12 महिलाओं को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी दी गई है।
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नई टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए हैं, जिनमें छह महिलाएं हैं। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री की अहम जिम्मेदारी दी गई है। पिछली टीम की तुलना में महिला पदाधिकारियों की संख्या बढ़ी है। पिछली टीम में एक भी महिला राष्ट्रीय महामंत्री नहीं थी।

कौन-कौन सी महिला नेता बनीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष?

भाजपा की नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, आंध्र प्रदेश भाजपा की पूर्व अध्यक्ष डी. पुरंदेश्वरी, पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, रेखा वर्मा और डॉ. मधुचंद्र कर को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। वसुंधरा राजे और रेखा वर्मा को इस पद पर बरकरार रखा गया है।

वसुंधरा राजे को टीम में क्यों रखा गया?

वसुंधरा राजे लंबे समय से भाजपा के केंद्रीय संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। इससे पहले जेपी नड्डा की टीम में भी उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था। नई राष्ट्रीय टीम में पार्टी ने उन्हें इसी पद पर बरकरार रखा है। राजे ने 1989 में झालावाड़ से पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था। इसके बाद वह लगातार पांच बार सांसद रहीं। केंद्र में उन्होंने कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालते हुए केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के तौर पर भी काम किया।

राजस्थान की राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है। वर्ष 2003 में वह पहली बार राजस्थान की मुख्यमंत्री बनीं। इसके बाद 2013 में उन्होंने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाला। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राजस्थान में बड़ी जीत दर्ज की थी। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने वसुंधरा राजे के बजाय भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री चुना। इसके बावजूद राजे की संगठन में सक्रिय भूमिका बनी रही।

स्मृति ईरानी की वापसी क्या कहती है?

स्मृति ईरानी को भाजपा ने राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी है। वह मोदी सरकार के सबसे प्रमुख चेहरों में रही हैं और केंद्र सरकार में करीब एक दशक तक अलग-अलग मंत्रालयों का काम संभाल चुकी हैं। इनमें मानव संसाधन विकास, कपड़ा, सूचना एवं प्रसारण और महिला एवं बाल विकास जैसे मंत्रालय शामिल रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव में ईरानी ने अमेठी से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हराकर भाजपा की बड़ी जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा से 1.67 लाख से अधिक मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद केंद्र सरकार में उनकी भूमिका समाप्त हो गई।
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राजनीतिक विश्लेषक राकेश शुक्ल ने अमर उजाला को बताया कि स्मृति ईरानी के पास महिला मोर्चा अध्यक्ष और पूर्व पदाधिकारी के रूप में काम करने का बेहतरीन अनुभव है, साथ ही उन्हें सरकारी कामकाज का भी लंबा अनुभव है। भाजपा को संगठन में एक तेजतर्रार महिला चेहरे की जरूरत थी, इसलिए उन्हें फिर से मुख्यधारा की राजनीति में लाया गया है।

किन महिला नेताओं को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया?

नई टीम में कई महिला नेताओं को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी भी दी गई है। इनमें भाजपा सांसद कविता पाटीदार, फांगनोन कोन्याक और संगीता यादव शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा सांसद रूपकुमारी चौधरी को महिला मोर्चा की कमान सौंपी गई है। वह वनथी श्रीनिवासन की जगह महिला मोर्चा की नई अध्यक्ष होंगी।

क्या सोशल मीडिया टीम में भी महिला को जिम्मेदारी मिली?

भाजपा की नई डिजिटल टीम में भी महिला प्रतिनिधित्व बढ़ा है। प्रीति गांधी को राष्ट्रीय सोशल मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है। इससे पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के साथ डिजिटल टीम में भी महिलाओं की भागीदारी दिखाई देती है।

नई टीम में महिलाओं की संख्या पिछली टीम से ज्यादा है?

भाजपा की नई टीम में महिला पदाधिकारियों की संख्या पिछली टीम के मुकाबले अधिक है। पार्टी ने संगठन के अलग-अलग स्तरों पर महिलाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब भाजपा लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण को जल्द लागू करने की मांग करती रही है। परिसीमन के बाद लागू होने वाले इस आरक्षण से संसद के निचले सदन में महिलाओं के लिए सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

पीयूष गोयल का चयन खास क्यों?

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भाजपा की नई टीम में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। खास बात यह है कि उनके पिता वेद प्रकाश गोयल भी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे थे और लंबे समय तक भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। नई टीम में पीयूष गोयल एकमात्र केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्हें संगठन की इस नई व्यवस्था में शामिल किया गया है।

राम माधव की नियुक्ति के मायने क्या हैं?

राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही करीब छह साल बाद भाजपा के केंद्रीय संगठन में उनकी वापसी हुई है। माधव ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के तौर पर की थी। बाद में वह संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख भी रहे।

2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद संघ ने उन्हें भाजपा संगठन में काम करने के लिए भेजा था। इसके बाद उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। संगठन में रहते हुए उन्होंने पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर में भाजपा के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। असम, त्रिपुरा और नगालैंड में भाजपा की सरकार बनाने और संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया में भी उनकी भूमिका रही है।

कितनी युवा है नवीन की नई टीम?

भाजपा की ओर से सोमवार को घोषित कुल 65 पदाधिकारियों में 51 नए चेहरे हैं। इनमें छह की उम्र 40 वर्ष से कम है, जबकि 15 पदाधिकारी 40 से 49 वर्ष और 21 पदाधिकारी 50 से 59 वर्ष की आयु के हैं। नई टीम में 10 महिलाओं और छह अल्पसंख्यक समुदायों के नेताओं को भी जगह दी गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संगठन में यह बदलाव 2029 तक होने वाले विधानसभा चुनावों और अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों को ध्यान में रखकर किया गया है।

नई टीम के आंकड़े क्या कहते हैं?

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है। इनमें से नौ चेहरे नए हैं। राष्ट्रीय महासचिवों की संख्या भी पिछली टीम के सात से बढ़कर आठ हो गई है। वहीं, नई टीम में 16 राष्ट्रीय सचिव बनाए गए हैं, जबकि पिछली टीम में यह संख्या 11 थी।
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