कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के एक नेता ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार को बांकुरा जिले में पार्टी के एक वॉलंटियर के पिता की मौत में कथित तौर पर शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करने के लिए 10 दिन का समय दिया। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों के कामकाज की जांच की मांग की।
रांका ने क्या कहा?
रांका ने क्या आरोप लगाया था?
उन्होंने इंडास पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की अदालत की निगरानी में जांच की भी मांग की। इसके साथ ही आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने परिवार को पर्याप्त सहायता नहीं दिया था। रांका ने कहा कि परिवार ने सरकारी मुआवजे को अस्वीकार कर दिया था। हाफिज ने इसके बजाय उस स्थान पर अपने पिता के नाम पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्कूल बनाने की मांग की थी।
किस अभियान का एलान किया?
हाफिज ने सीजेपी नेता की उपस्थिति में बोलते हुए कहा कि ऐसा स्कूल उनके पिता को एक उचित श्रद्धांजलि होगी और शिक्षा के मुद्दे पर जन लामबंदी का एक नया मॉडल बन सकता है। रांका ने कहा कि सीजेपी हाफिज को वित्तीय सहायता देगी। इसके साथ ही राज्यव्यापी 'स्कूल ठीक करो' अभियान की घोषणा की।
आंदोलन शुरू करने का किया एलान
उन्होंने कहा, 'अगर आरोपियों को 10 दिनों के भीतर गिरफ्तार नहीं किया गया और हमारी अन्य मांगें पूरी नहीं हुईं, तो हम जिला प्रशासन कार्यालय का घेराव करेंगे और उसके बाद एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।' रांका ने यह भी आरोप लगाया कि हाफिज और उसकी मां कुछ अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानते थे जिन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया था।
सीपीआई(एम) के नेता ने क्या आरोप लगाया?
सीपीआई(एम) नेता शतरूप घोष, जिन्होंने परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इस घटना को लेकर भाजपा और उसके राज्य नेतृत्व की आलोचना की। उन्होंने आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए उपायों पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि इस हमले में भाजपा से जुड़े लोग शामिल थे।
पीड़ित जनाब माफिक की कथित हमले के दो दिन बाद शनिवार रात को बर्दवान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में मृत्यु हो गई। गंभीर रूप से घायल पाए जाने पर उन्हें पहले इंडास ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था और हालत बिगड़ने पर 15 अगस्त को उन्हें बर्दवान मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया गया था।
सीजे ने क्या कहा?