ऑपरेशन गंगा के अंतर्गत यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के चार मंत्री भेजकर सभी छात्रों की सही समय पर सकुशल घर वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन भाजपा सांसद वरूण गांधी ने इसे देरी से उठाया गया अपर्याप्त कदम उठाया है। उन्होंने कहा है कि हर भारतीय छात्र की सकुशल वापसी उन पर किया गया कोई उपकार नहीं, बल्कि यह हमारा कर्तव्य है जिसे पूरा किया जाना चाहिए। सरकार के द्वारा इसे अपनी कामयाबी बताने पर व्यंग्य कसते हुए वरूण गांधी ने कहा है कि हर आपदा में अवसर नहीं खोजा जाना चाहिए। भाजपा में अपनी उपेक्षा से नाराज वरूण गांधी किसान आंदोलन के समय से ही लगातार सरकार विरोधी बयान देकर सुर्खियों में बने हुए हैं।
वरूण गांधी ने सोमवार को एक ट्वीट कर आरोप लगाया है कि सही समय पर सही निर्णय न लेने के कारण 15 हजार से ज्यादा भारतीय छात्रों का जीवन युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंस गया है। उन्हें तत्काल उचित कार्रवाई कर सुरक्षित वापस लाए जाने की कोशिशें की जानी चाहिए। ठोस रणनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से इनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने एक छात्रा का वीडियो भी शेयर किया है। इस वीडियो में छात्रा ने आरोप लगाया है कि उनकी कोई मदद नहीं की जा रही है और भारतीय छात्र वहां गंभीर संकट में फंसे हुए हैं।
यूक्रेन में पढ़ने वाले छात्रों को लेकर भारत के कई वायुयान अब तक स्वदेश लौट चुके हैं। लेकिन भारतीय छात्रों की भारी संख्या सबको बाहर निकालने में देरी का कारण बन रही है। इस बीच अनेक छात्रों ने उन्हें यूक्रेन से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सरकार का धन्यवाद किया है। वहीं, अनेक छात्रों ने वीडियो जारी कर कहा है कि उन्हें यूक्रेन में कोई मदद नहीं मिल पा रही है और उनसे यूक्रेनी पुलिस-अधिकारी अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। वरुण गांधी ने इन्हीं छात्रों की आवाज उठाते हुए सरकार से जल्द से जल्द सभी छात्रों को बाहर निकालने का प्रयास करने का अनुरोध किया है।