विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची
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यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान मंत्रालय के प्रवक्ता ने यूक्रेन में हालात और वहां फंसे भारतीय नागरिकों को भारत सरकार की ओर से सुरक्षित निकालने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया है कि यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों की वापसी के लिए प्रयास जारी हैं। जमीनी स्तर पर हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं और इनमें से कुछ चिंता का विषय हैं। लेकिन, हम निकासी अभियान को बढ़ाने में सफल रहे हैं। जब से हमने एडवायजरी जारी की है, लगभग आठ हजार भारतीय यूक्रेन छोड़ चुके हैं।
अरिंदम बागची ने कहा कि अभी तक छह उड़ानों के जरिए करीब 1400 भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से लाया जा चुका है। इनमें से चार विमान रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट से और दो उड़ानें हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट से आई हैं।
मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन के साथ सीमा साझा करने वाले चार देशों में विशेष दूत तैनात करने का फैसला किया गया है। निकासी प्रक्रिया की निगरानी और बेहतर समन्वय के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया जाएंगे। वहीं, किरेन रिजिजू स्लोवाक गणराज्य, हरदीप पुरी हंगरी और वीके सिंह पोलैंड जाएंगे। सिंधिया मोलडोवा में भी निकासी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। मोलडोवा के रास्ते एक नया रास्ता तैयार किया गया है। यहां से रोमानिया के जरिए निकलने में मदद की जाएगी।
बागची ने कहा कि हम यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों से यह आग्रह करते हैं कि वह पश्चिमी यूक्रेन की ओर जाएं लेकिन सीधे सीमा पर न पहुंचें क्योंकि वहां काफी भीड़ है। आस-पास के शहरों में जाएं और वहां रुकने की जगह तलाशें। हम वहां व्यवस्था कर रहे हैं, हमारे दल आपकी मदद करेंगे। घबराएं नहीं, हमारे पास पर्याप्त उड़ानें हैं।