BJP: लोकसभा में पेश किए गए तीन विधेयकों पर हुए हंगामे को लेकर भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर निशाना साधा। सांसद कंगना रनौत ने संसद में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर कागज फेंके जाने की घटना की निंदा की और इसे सभ्य समाज को शर्मिंदा करने वाला कृत्य बताया। वहीं, सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि जनता उन्हें सबक सिखाएगी, जो गंभीर आपराधिक मामलों में फंसे लोगों को सत्ता में बनाए रखना चाहते हैं।
लोकसभा में सरकार की ओर पेश किए गए तीन विधेयकों पर हंगामे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष पर निशाना साधा। भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, आज संसद में हमने जो दृश्य देखे, वो एक सभ्य समाज को शर्मिंदा कर देंगे। गृहमंत्री ने अमित शाह जब विधेयक पेश कर रहे थे, तब विपक्ष के लोग उनका माइक छीनने की कोशिश कर रहे थे और उनके ऊपर कागज के टुकड़े फेंके जा रहे थे।
संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, देश का हर व्यक्ति यह कह रहा था कि जिन लोगों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, वे कैसे अपने पदों पर बने रह सकते हैं? ऐसे में जब देश के गृह मंत्री अमित शाह एक विधेयक लेकर आते हैं, तो विपक्ष चाहता है कि ऐसे आपराधिक मामलों में फंसे लोग अपने पदों पर बने रहें। जो लोग चाहते हैं कि ऐसे लोग सत्ता में बने रहें, उन्हें जनता सबक सिखाएगी।
विज्ञापन
दरअसल, आज गृहमंत्री शाह ने लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए। ये तीन विधेयक केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन) विधेयक 2025; संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 हैं। इनका मकसद यह है कि अगर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री को किसी गंभीर अपराध में गिरफ्तार कर लगातार तीस दिनों तक जेल में रखा जाता है, तो 31वें दिन वे अपने पद से हटा दिए जाएंगे। विपक्षी सांसदों ने इन विधेयकों का जोरदार तरीके से विरोध किया है और इन्हें अलोतांत्रिक बताया।
शाह ने जैसे ही ये विधेयक पेश किए, विपक्षी सांसदों ने विधेयकों की प्रतियां फाड़कर शाह की तरफ फेंकी। इसके साथ ही वे नारेबाजी करते हुए सदन के बीच में पहुंच गए। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि ये विधेयक पूरी तरह से तानाशाही वाले हैं और संविधान के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, अगर कल को किसी मुख्यमंत्री पर झूठा मुकदमा दर्ज कर उसे तीस दिन तक जले में रखा जाए, तो वह अपने आप पद से हट जाएगा। यह पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।