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Maharashtra: संजय राउत वाले मानहानि मामले में राणे की दलील, कहा- झूठे आरोपों का सामना करूंगा, पीछे नहीं हटूंगा

Mon, 25 Aug 2025 06:22 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

भाजपा सांसद नारायण राणे ने मुंबई की अदालत में संजय राउत द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि मामले में खुद को निर्दोष बताया। यह मामला 2023 के कोंकण महोत्सव में दिए गए उनके बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने राउत पर कई आरोप लगाए थे। 

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नारायण राणे और संजय राउत - फोटो : PTI
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विस्तार
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भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने सोमवार को मुंबई की मजिस्ट्रेट अदालत में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि मामले में खुद को निर्दोष बताया। यह मामला जनवरी 2023 में राणे द्वारा राउत के खिलाफ दिए गए विवादित बयान से जुड़ा है। अदालत ने राणे की दलील दर्ज कर ली है और अब 11 नवंबर से गवाहों की जांच के साथ मुकदमे की औपचारिक सुनवाई शुरू होगी।
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संजय राउत ने यह शिकायत की थी कि राणे ने बंबई उपनगर भांडुप में आयोजित कोंकण महोत्सव के दौरान उनके खिलाफ 'मानहानिकारक, दुर्भावनापूर्ण और झूठे' आरोप लगाए। राणे ने कहा था कि राउत का नाम मतदाता सूची में ही मौजूद नहीं है और उन्हें राज्यसभा का सदस्य बनाने में उन्हीं (राणे) का हाथ था, जब वे पुरानी शिवसेना में थे। इसी आधार पर राउत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत कार्रवाई की मांग की थी।

अदालत की कार्यवाही
सोमवार को राणे अपने वकील के साथ मजगांव की मजिस्ट्रेट अदालत में पेश हुए। उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलत या झूठा बयान नहीं दिया। अदालत ने उनकी ‘गुनाह कबूल नहीं’ की दलील दर्ज कर ली और कहा कि अब यह मामला गवाहों की गवाही से तय होगा।
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राणे की आपत्तियां और अदालत का रुख
इससे पहले अप्रैल 2024 में अदालत ने राणे के खिलाफ समन जारी किया था। राणे ने विशेष एमपी/एमएलए अदालत में चुनौती देते हुए कहा था कि मजिस्ट्रेट ने बिना कारण बताए और न्यायिक विवेक का इस्तेमाल किए बिना समन जारी किया। लेकिन विशेष अदालत ने यह दलील खारिज कर दी। अदालत ने माना कि राणे ने अस्पष्ट और बिना सबूत के बयान दिए थे, जो संजय राउत की साख को नुकसान पहुंचाने वाले थे। अदालत ने माना कि यह बयान दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होते हैं।

अब आगे क्या होगा
अब 11 नवंबर से इस मामले की सुनवाई औपचारिक रूप से शुरू होगी और गवाहों से पूछताछ की जाएगी। अदालत ने साफ किया है कि राणे के बयान सार्वजनिक रूप से दिए गए थे और प्रथम दृष्टया मानहानि के दायरे में आते हैं। अगर आरोप साबित होते हैं तो राणे को मानहानि कानून के तहत दंड का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, राउत ने कहा है कि न्यायिक प्रक्रिया से ही राजनीतिक झूठ और बेबुनियाद आरोपों पर लगाम लगेगी।

ठाकरे भाइयों पर कही ये बात
इसके साथ ही नारायण राणे ने सोमवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की राजनीति अब खत्म हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों भाइयों का मिलना या अलग होना अब कोई मायने नहीं रखता। राणे ने विपक्षी दलों द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों को भी चुनाव नतीजों पर असरहीन बताया।

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उद्धव-राज की राजनीति पर राणे का निशाना
मीडिया से बात करते हुए राणे ने कहा कि उद्धव और राज ठाकरे चाहे साथ आएं या अलग रहें, उनकी राजनीति खत्म हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि गणेशोत्सव के दौरान उद्धव का राज के घर जाने की चर्चा से कोई फर्क नहीं पड़ता। राणे ने इसे एक सामान्य घटना करार दिया।

राहुल गांधी के आरोपों को बताया बेअसर
राणे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये बयान बेकार हैं और चुनाव परिणामों पर इनका कोई असर नहीं होगा। भाजपा सांसद ने विपक्ष के इन मुद्दों को जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया।
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सड़क सुधार कार्य का भरोसा
राणे ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मुंबई से सिंधुदुर्ग के बीच गड्ढों से भरी सड़क को जल्द दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह एक बार फिर गडकरी से बात करेंगे और काम की गुणवत्ता व समयसीमा को लेकर स्पष्ट जवाब मांगेंगे।


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