सुनवाई के दौरान नीतेश के वकील ने हाईकोर्ट से अपील की कि विधायक के खिलाफ 10 दिन तक कोई कार्रवाई न की जाए। इस पर विशेष लोक अभियोजक सुदीप पासबोला से आश्वासन मिलने के बाद हाई कोर्ट ने आरोपी को 27 जनवरी तक के लिए आखिरी मौका दे दिया।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को भाजपा विधायक नीतेश राणे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। राणे पर सिंधुदुर्ग जिले में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर रखा है। एकल पीठ के न्यायाधीश सीवी भाडंगे ने केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नीतेश की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। लेकिन मामले में दूसरे अभियुक्त मनीष दालवी की याचिका को स्वीकार करते हुए जमानत दे दी।
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सुनवाई के दौरान नीतेश के वकील ने हाईकोर्ट से अपील की कि विधायक के खिलाफ 10 दिन तक कोई कार्रवाई न की जाए। इस पर विशेष लोक अभियोजक सुदीप पासबोला से आश्वासन मिलने के बाद हाई कोर्ट ने आरोपी को 27 जनवरी तक के लिए आखिरी मौका दे दिया।
उधर, मनीष दालवी को जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा कि जांच पूरी होने तक सिंधु दुर्ग छोड़कर नहीं जाएगा। इसके अलावा 20, 21 और 22 जनवरी को पुलिस के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने का आदेश दिया। बता दें कि शिवसेना कार्यकर्ता संतोष पराब पर हमला करने के मामले में पुलिस ने राणे के खिलाफ दिसंबर 2021 में आईपीसी की धारा 307 (हत्या की कोशिश), 120 (बी) (आपराधिक साजिश) और 34 (साधारण इरादा) के तहत केस दर्ज किया था। इस पर राणे ने अपने आप को बेगुनाह बताते हुए कहा था कि उसे राजनीतिक दबाव में फंसाया जा रहा है।