गुजरात के नरोदा में महिला को लात मारने वाले भाजपा विधायक बलराम थवानी मुश्किल में फंसते दिख रहे हैं। थवानी ने जिस महिला को लात मारी बाद में नाटकीय तरीके से उसके साथ भाई-बहन का रिश्ता भी बना लिया। कुछ समय पहले तक मारपीट और शिकायत के दौर के बाद दोनों की मेल मिलाप की तस्वीरें नजर आने लगीं। लेकिन थवानी की मुसीबत अभी खत्म नहीं हुई है। इस पूरे मामले पर भाजपा ने विधायक बलराम थवानी को कारण बताओ नोटिस भेजा है।
महिला नीतू तेजवानी एनसीपी की वार्ड प्रभारी हैं और उसका कहना है कि वह अपने इलाके में पानी के पाइप लाइन काटे जाने को लेकर विधायक से बात करने गई थी, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद विधायक बलराम थवानी ने शर्मिंदगी जताई थी और बाद में महिला से राखी बंधवाने का वीडियो सामने आया था।
वीडियो वायरल होने के बाद मांगी माफी
भाजपा विधायक ने एनसीपी की इस महिला कार्यकर्ता को पीटने का वीडियो सामने आने के बाद अपने इस कृत्य के लिए माफी मांग ली। महिला अहमदाबाद जिले में स्थित अपने इलाके में पानी की आपूर्ति बहाल करवाने का अनुरोध लेकर विधायक के पास गई थी।
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस और एनसीपी ने नरोदा विधानसभा क्षेत्र के विधायक बलराम थवानी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, थवानी ने इसके लिए माफी मांग ली। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी इस घटना की निंदा की।
महिला नीतू तेजवानी ने संवाददाताओं को बताया कि विधायक ने उन्हें इतनी जोर से थप्पड़ मारा था कि वह नीचे गिर गईं और उसके बाद विधायक ने उन्हें लात से मारना शुरू किया। महिला ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने भाजपा विधायक के भाई किशोर थवानी (स्थानीय पार्षद) से नरोदा शहर में उनके क्षेत्र की पानी की आपूर्ति नहीं काटने को लेकर संपर्क किया था क्योंकि इसको बहाल करने के संबंध में कानूनी प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि पार्षद ने भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था और उनकी पिटाई की थी।
उन्होंने बताया कि चार-पांच दिन तक जब इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह अहमदाबाद के मेघानी नगर क्षेत्र में विधायक कार्यालय में अन्य महिलाओं के साथ गईं। महिला ने बताया, ‘‘ विधायक उस समय कार्यालय में नहीं थे लेकिन उनके समर्थकों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया।
उन्होंने बताया कि हमने किशोर थवानी के विरोध में वहां नारे लगाए। जल्द ही बलराम भाई एक वाहन से वहां पहुंचे और बाहर आते ही उन्होंने मेरा मोबाइल फोन छीन लिया और मुझे जोर से थप्पड़ मारा। मैं नीचे गिर गई जिसके बाद उन्होंने मुझे लात से मारना शुरू किया। उन्होंने मुझे डंडे से भी मारा। उन्होंने मेरे पेट पर लात से मारा और मेरे चेहरे पर अपना जूता रखा। उनके साथ छह-सात और लोग थे। जब मेरे पति ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उनके लोग कार्यालय से बाहर निकले और मेरे पति की भी पिटाई की।