देश में बढ़ती आबादी पर राज्यसभा में आज भाजपा सदस्यों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि जनसंख्या ऐसे ही बढ़ती रही तो विकास की सभी योजनाएं बेमानी हो जाएंगी। भाजपा के अशोक बाजपेयी ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान में भारत की आबादी दुनिया की कुल आबादी का 17.5 फीसदी है और हमारे पास धरती का केवल 2.4 फीसदी हिस्सा है। हमारे संसाधन भी आबादी के लिहाज से सीमित हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या वर्ष 2022 में चीन से अधिक हो जाएगी और साल 2050 तक हमारी आबादी एक अरब 66 करोड़ होगी। बाजपेयी ने कहा कि सरकार विकास के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है लेकिन अगर आबादी पर नियंत्रण नहीं हुआ तो इन योजनाओं का कोई मतलब नहीं होगा। उन्होंने सरकार से आबादी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
भाजपा के ही विजय पाल सिंह तोमार ने कहा कि 'वर्ष 1951 में देश की आबादी 36 करोड़ थी जो हर साल दो करोड़ की दर से बढ़ते हुए अब 135 करोड़ हो चुकी है। आने वाले समय में स्थिति और अधिक चिंताजनक होगी इसलिए सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाना चाहिए ताकि जनसंख्या पर काबू पाया जा सके।'