चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2019 की तिथियों की घोषणा कर दी है। इसी के साथ आचार संहिता लग गई और आधिकारिक रूप से चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई। इस बीच भाजपा नेता चाणक्य नीति खंगाल रहे हैं। भाजपा कार्यालय में चाणक्य नीति से संबंधित पुस्तकों को खरीदने और पढ़ने वालों की संख्या सबसे अधिक है। पार्टी के नेताओं की पुस्तकों की बात करें तो अटल बिहारी वाजपेयी की कविताएं पाठकों की दूसरी सबसे बड़ी पसंद हैं।
दरअसल, 6A, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर बने आलीशान भाजपा कार्यालय के बेसमेंट में एक प्राइवेट प्रकाशक की बुक स्टाल है। स्टाल पर भारतीय संस्कृति और राजनीति पर अनेक पत्र-पत्रिकाएं बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इनमें भाजपा नेताओं के द्वारा लिखी गई किताबें भी अच्छी संख्या में उपलब्ध हैं। पार्टी कार्यालय पर आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए उचित मूल्य पर पार्टी नेताओं की आत्मकथाएं और पार्टी के समय-समय पर लिए गए निर्णयों की किताबें भी उपलब्ध हैं। लेकिन, यहां काम कर रहे कर्मचारियों के मुताबिक स्टाल पर सबसे ज्यादा बिक्री चाणक्य नीति की होती है।
स्टाल पर काम कर रहे एक कर्मचारी मुकुल गोला ने बताया कि इस स्टाल से सबसे ज्यादा चाणक्य नीति की पुस्तकें बिकती हैं जो यहां तीन प्रमुख साइज में उपलब्ध हैं। साइज के अनुरुप चाणक्य नीति की पुस्तकें 150 रुपये, 200 रुपये और 250 रुपये में उपलब्ध हैं। कर्मचारी के मुताबिक सबसे ज्यादा बिक्री 150 रुपये मूल्य पर उपलब्ध पुस्तक की होती है।
एक अन्य कर्मचारी प्रदीप रावत के मुताबिक, अगर भाजपा के पूर्व या वर्तमान नेताओं की बात करें तो अटल बिहारी की पुस्तकें कार्यकर्ताओं की पसंद में सबसे ऊपर हैं। 'अटल बिहारी की चुनी हुई कविताएं' नाम से प्रकाशित पुस्तक की बिक्री बहुत ज्यादा होती है। यह पुस्तक 150 रुपये के मूल्य पर उपलब्ध है। इस पुस्तक पर छूट भी मिलती है। उनके बाद भाजपा के संस्थापक पंडित दीन दयाल की जीवनी पर लिखी पुस्तकें सबसे ज्यादा बिकती हैं। अगर मूल्य के हिसाब से बात करें तो दीन दयाल उपाध्याय की पुस्तक यहां सबसे ज्यादा कीमती है जो 6000 रुपये में उपलब्ध है। हालांकि, समय-समय पर इस पर विशेष छूट मिलती रहती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के दिग्गज नेता लाल कृष्ण आडवाणी, कुशाभाऊ ठाकरे, आरएसएस के संस्थापक केशव राव बलिराम हेडगेवार पर पुस्तकें और कुछ अन्य नेताओं पर लिखी पुस्तकें भी स्टाल पर उपलब्ध हैं। लेकिन यहां पर आने वाले पाठकों की पसंद में वे काफी नीचे हैं।