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पीयूष गोयल का कांग्रेस पर तंज, 'आलू-प्याज का साइज पता नहीं, बात करते हैं अर्थव्यवस्था की'

Wed, 12 Sep 2018 07:50 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रेल मंत्री और भाजपा नेता पीयूष गोयल (फाइल फोटो)
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भाजपा ने अर्थव्यवस्था और बैंकिंग व्यवस्था के मुद्दे पर जमकर कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके नेताओं को आलू-प्याज के साइज की समझ नहीं है और वे अर्थव्यवस्था की बातें करते हैं। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस एनपीए मुद्दे पर झूठ के आधार पर देश की जनता को गुमराह नहीं कर सकती।  

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मोदी सरकार के तेजतर्रार मंत्रियों में शुमार रेल मंत्री और भाजपा नेता पीयूष गोयल ने बैंकिंग व्यवस्था को लेकर कांग्रेस की जमकर खिंचाई की। बुधवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोयल ने कहा कि 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने कमान संभाली, तब देश की अर्थव्यवस्था चौपट थी और वित्तीय घाटा और आर्थिक घाटा अपने चरम पर थे।

उस वक्त सरकार श्वेत पत्र लाने की सोच रही थी, ताकि जनता को आर्थिक हालातों के बारे में सच बताया जा सके। लेकिन मोदी और जेटली ने सूझबूझ से फैसला लेते हुए इस समस्याओं का स्थाई हल निकालने में पहल की। उन्होंने कहा कि अगर श्वेत पत्र पेश किया जाता, तो पूरे विश्व पटल पर भारत की साख के साथ बड़ा खिलवाड़ होता।
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गोयल ने कहा कि यूपी के शासन काल में 2006 से लेकर 2014 तक बिना काबिलियत को जांचे अनाप-शनाप लोन बांटे गए। साथ ही, बैंकों के लोन के 18 लाख करोड़ से बढ़ा कर तीन गुना 53 लाख करोड़ कर दिया, जिससे बैंकिंग प्रणाली में ओवर कैपेसिटी समस्या पैदा हुई।

गोयल ने कहा कि 2014 में मोदी सरकार के आने से स्ट्रेस अकाउंट और एवरग्रीन अकाउंट के जरिए बैंकों की व्यवस्था को प्रोफिट में दिखाया जा रहा था। 2015 ने सरकार ने इसे सामने लाकर साफ-सफाई का काम शुरू किया।

गोयल ने इंडियन बैंक का उदाहरण देते हुए बताया कि 15-18 साल पहले एकदम नाजुक हालात में था। तत्कालीन वाजपेयी सरकार ने बैंक को घाटे से बचाने के लिए कड़े कदम उठाए और एनपीए कम करने के लिए लोन न चुकाने वाली कंपनियों को बेचा गया। यही वजह रही कि 2008 से लेकर 2014 तक इंडियन बैंक ने लोन देने से मना कर दिया, जिसके चलते आज बैंक मजबूत स्थिति में खड़ा हुआ है।

गोयल के मुताबिक मोदी सरकार ने बैंकों के हालात सुधारने के लिए बड़े-बड़े लोन डिफाल्टर्स को लोन चुकाने के लिए मजबूर किया। वहीं, जिन्होंने लोन चुकाने में आनाकानी की, तो सरकार ने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) के तहत उन्हें हल करने की कोशिश की जा रही है।

गोयल ने कहा कांग्रेस के वक्त लोगों ने लोन लिए, लेकिन लोगों ने बैंको का लोन लौटाने में ईमानदारी नहीं बरती। लेकिन मोदी सरकार ने ईमानदार व्यवस्था को लागू करके बैड लोंस को लेकर कड़े कदम उठाए। वहीं उन्होंने डॉलर की कीमतों को जिक्र करते हुए कहा कि यूपीए सरकार के दौरान 2013-14 में   डॉलर की कीमत 68 रुपए तक पहुंच गई थी और तत्कालीन सरकार ने फॉरेन करेंसी नॉन-रेजीडेंट बैंक अकाउंट (एफसीएनआर-बी) के जरिए तीन साल के लिए लोन लिया, ताकी रुपए को गिरने से बचाया जा सके। गोयल के मुताबिक मोदी सरकार ने 2016-17 में इस लोन को चुकाया है।
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