फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: 'तीन से चार बच्चे पैदा करें, ताकि भारत में धर्म...', भाजपा नेता नवनीत राणा ने की ये अपील

Tue, 23 Dec 2025 08:26 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

भाजपा नेता और अभिनेत्री नवनीत राणा ने अपने धर्म के लोगों से कम से कम तीन से चार बच्चे पैदा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ज्यादा बच्चे पैदा कर भारत को पाकिस्तान जैसा बनाना चाहते हैं। 

विज्ञापन
नवनीत राणा (फाइल) - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अभिनेत्री और भाजपा नेता नवनीत राणा ने अपने धर्म के लोगों से एक अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को कम से कम तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए। उनका कहना है कि कुछ लोग ज्यादा बच्चे पैदा करके भारत को पाकिस्तान जैसा बनाना चाहते हैं। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान राणा ने कहा कि मैं सभी हिंदुओं से अपील करती हूं कि कम से कम तीन से चार बच्चे पैदा करें। 

विज्ञापन


राणा ने आगे कहा कि कुछ लोग खुलकर कहते हैं कि उनके चार बीवियां हैं और 19 बच्चे हैं। मैं सुझाव देती हूं कि हमें भी कम से कम तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मैं नहीं जानती कि वह मौलाना है या कोई और, लेकिन उसने कहा कि उसके 19 बच्चे और चार बीवियां हैं और वह 30 बच्चों का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया।

ये भी पढ़ें:- Maharashtra: महाराष्ट्र के अगले डीजीपी होंगे एनआईए चीफ सदानंद दाते? राज्य में वापसी के बाद तेज हुईं अटकलें
विज्ञापन


भारत को पाकिस्तान बनाना चाहते है- राणा
भाजपा नेता राणा ने आगे कहा कि ये लोग ज्यादा बच्चे पैदा करके भारत को पाकिस्तान जैसा बनाने की योजना बना रहे हैं। तो हम सिर्फ एक बच्चे से क्यों संतुष्ट रहें? हमें भी तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए। इसके साथ ही राणा ने मुंबई में होने वाले निगम चुनाव पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। 
विज्ञापन




ये भी पढ़ें:- Tamil Nadu: चेन्नई में मिले पीयूष गोयल-पलानीस्वामी; रणनीतियों पर किया मैराथन मंथन; क्या होगा NDA का लक्ष्य?

ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर भी बोलीं राणा
नवनीत राणा ने मुंबई में होने वाले निगम चुनाव में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की मनसे के गठबंधन के बारे में भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे अब असहाय हो गए हैं। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं के लिए चुनाव प्रचार में बाहर कदम नहीं रखा। अगर कोई भी उद्धव के साथ जुड़ता है, उनका प्रदर्शन स्थानीय चुनावों से भी कमजोर होगा।

अन्य वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें