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फिर बंगाल भाजपा में अंदरूनी कलह की अटकलें: शाह की जनसभा से नदारद रहे दिलीप घोष; PM के कार्यक्रम से भी थे गायब

Sun, 01 Jun 2025 09:39 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

घोष ने पूर्व मेदिनीपुर के दीघा में नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। इसे लेकर काफी विवाद हुआ था। तब कई भाजपा नेताओं ने उन पर टीएमसी सुप्रीमो के साथ नजदीकी बढ़ाने और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया था। हालांकि घोष ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया था। 
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दिलीप घोष - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बंगाल के दौरे पर हैं। जहां उन्होंने भाजपा नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठक भी की। लेकिन वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष इस बैठक से नदारद रहे। बता दें कि एक सप्ताह से भी कम समय में यह दूसरी बार था जब पूर्व सांसद दिलीप घोष किसी शीर्ष नेता के कार्यक्रम से अनुपस्थित रहे। इससे पहले 29 मई को उत्तरी पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में भी वह शामिल नहीं हुए थे। दिलीप घोष के इस तरह से भाजपा के बड़े नेताओं के कार्यक्रमों से दूरी बनाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। 

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आज कहां थे दिलीप घोष
रविवार को घोष अपनी पत्नी रिंकू मजूमदार के साथ अपने ससुराल गए थे। वहां जब पत्रकारों ने आज की बैठक में शामिल न होने को लेकर उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हर बैठक में मुझे आमंत्रित करना अनिवार्य या आवश्यक नहीं है। हो सकता है कि मुझे कुछ बैठकों में आमंत्रित किया जाए और कुछ में नहीं। 

वहीं, पार्टी के प्रमुख कार्यक्रमों में घोष की अनुपस्थिति के बारे में पूछे जाने पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि दिलीप दा एक वरिष्ठ नेता हैं। मैं वास्तव में उनकी अनुपस्थिति पर टिप्पणी नहीं कर सकता।
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खड़े हो रहे कई सवाल, लेकिन घोष ने सभी को किया खारिज
बता दें कि घोष ने पूर्व मेदिनीपुर के दीघा में नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। इसे लेकर काफी विवाद हुआ था। तब कई भाजपा नेताओं ने उन पर टीएमसी सुप्रीमो के साथ नजदीकी बढ़ाने और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया था। हालांकि घोष ने कहा था कि उन्हें पूजा स्थल पर जाने का पूरा अधिकार है और कोई भी भाजपा के वफादार के रूप में उनकी ईमानदारी और साख पर सवाल नहीं उठा सकता। हालांकि विवाद थमा नहीं और उन्हें पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। 

इससे पहले घोष ने शनिवार को कहा था कि मुझे 1 जून को अमित शाह के कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ काम करूंगा। 29 मई को पीएम मोदी की जनसभा से पहले भी घोष ने कहा था कि उन्हें राज्य भाजपा नेतृत्व ने आमंत्रित नहीं किया।

शाह से मिले साधु-संत, बंगाल में हिंदुओं पर अत्याचार व घुसपैठ पर जताई चिंता
वहीं, विभिन्न संगठनों के साधु-संतों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों में हिंदुओं पर अत्याचार और बांग्लादेश से सीमापार घुसपैठ पर चिंता जताई। 

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स्वामी विवेकानंद के पैतृक घर पर हुई बैठक के दौरान साधु-संतों ने दावा किया कि शाह ने हिंदू धार्मिक नेताओं से एकजुट होने और मानवता से संबंधित व्यापक मुद्दों को हल करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। इस दौरान शाह ने स्वामी विवेकानंद को पुष्पांजलि भी अर्पित की। पद्म पुरस्कार से सम्मानित कार्तिक महाराज ने कहा कि साधु-संतों ने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करते हुए हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि शाह राजनीतिक चर्चा के लिए नहीं, आशीर्वाद लेने आए थे। बैठक में मौजूद एक साधु ने कहा कि हमने बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों में हिंदुओं पर अत्याचार और बांग्लादेश से घुसपैठ का मुद्दा उठाया। हालांकि शाह ने किसी विशेष सवाल या घटना का जवाब नहीं दिया।

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