मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का नक्सलवाद संबंधों और उनकी गिरफ्तारी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कांफ्रेस कर विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी को माओवादी कांग्रेस पार्टी करार दिया है। पात्रा का कहना है कि कांग्रेस जब भी सत्ता में रही है उसने माओवाद को लेकर दोहरा रवैया अपनाया है। जहां मनमोहन सिंह और कुछ लोग माओवाद को देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते थे। वहीं यूपीए सरकार के गृहमंत्रियों में से आधे नक्सलियों के साथ थे और आधे उनके खिलाफ।
पात्रा ने कहा, माओवादियों के पक्ष में आप जिस तरह से खड़े हैं उससे देश की सुरक्षा खतरे में है। राजनीति के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक जाकर देश की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। भ्रम और षड्यंत्र कांग्रेस के पर्याय हैं। कांग्रेस पार्टी माओवादी कांग्रेस पार्टी की तरह व्यवहार कर रही है। उन्होंने विनायक सेन का उदाहरण देते हुए कहा, 'विनायक सेन को 2010 में देशद्रोह में अपराधी घोषित किया गया था। इसके बाद उन्हें प्लानिंग कमिशन की स्वास्थ्य समिति में नियुक्ति दी गई।'
पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश पर हमला करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा, 'महेश राउत को भीमा कोरेगांव हिंसा में गिरफ्तार किया गया था। वह यूपीए सरकार के दौर में भी गिरफ्तार हुए थे। उनके मसले पर जयराम रमेश ने पृथ्वीराज चव्हाण को पत्र लिखा था। रमेश ने कहा था कि मैंने अपने सूत्रों से पता लगा लिया है कि वह भला आदमी है। यह माओवाद का मेन स्ट्रीम में आना है।' कांग्रेस पर नक्सलियों का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए पात्रा ने कहा, 'यदि एक दिन में सुरक्षाबलों को सबसे ज्यादा नुकसान कहीं हुआ है तो वह दंतेवाड़ा है। यहां 76 सीआरपीएफ जवानों की हत्या कर दी गई। ऑपरेशन ब्लूस्टार के बाद से एक दिन में होने वाला यह बड़ा नुकसान है।'
त्पारा ने आगे कहा, 'कांग्रेस का जुमला था कांग्रेस तुम संघर्ष करो हम पता नहीं किसके साथ हैं। जबसे कांग्रेस सत्ता में रही है तब से नक्सलवाद और माओवाद को लेकर कांग्रेस पार्टी का दोहरा चरित्र रहा है। कांग्रेस ने 2014 में लोकसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में उन संगठनों की सूची जारी की थी जिन्हें प्रतिबंधित किया गया है। उनमें वारावारा राव के संगठन आंध्र रिवोल्यूशनरी राइटर्स एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) का नाम भी था। एक पत्र ऐसा मिला है, जिसमें प्रदर्शन के लिए माओवादियों को फंड देने की बात कही गई है और उसमें कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का नंबर मिला है, जो राहुल गांधी के गुरु हैं।'