कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को "अवैध" बताने वाली टिप्पणी पर भाजपा ने रविवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा ने खरगे से देश की जनता के जनादेश का अपमान करने के लिए माफी मांगने को कहा।
खरगे ने शनिवार को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं को भंग करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि "सभी चुनाव अवैध थे" और प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी "अवैध" हैं। कर्नाटक के कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने बैलेट पेपर से नए सिरे से चुनाव कराने की मांग भी की थी।
भाजपा ने खरगे और राहुल गांधी से पूछा क्या सवाल?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने खरगे और राहुल गांधी से सवाल पूछा, "क्या आप अवैध सांसद हैं? क्या राहुल गांधी अवैध सांसद हैं? क्या तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और झारखंड के मुख्यमंत्री अवैध हैं?" संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "भारत के संविधान का अपमान करना बंद कीजिए।"
खरगे से की क्या मांग?
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने खरगे की टिप्पणी को देश की जनता के जनादेश का अपमान बताया और कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग की। त्रिवेदी ने दावा किया कि खरगे के कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने के बाद पार्टी के कई नेताओं ने निर्वाचक मंडल की सूची मांगी थी, लेकिन कांग्रेस ने किसी को यह सूची उपलब्ध नहीं कराई।
उन्होंने खरगे से सवाल किया कि अगर ऐसा है तो सबसे पहला सवाल यह उठता है कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर उनका चुनाव भी "अवैध" था। त्रिवेदी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने 2014 में स्पष्ट बहुमत के साथ देश की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनाई थी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूछा कि कांग्रेस के राजनीतिक परिवार से जुड़े प्रधानमंत्रियों में कौन पहली बार संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत जनता के जनादेश से चुना गया था।
नेहरू, इंदिरा और अन्य प्रधानमंत्रियों पर भी टिप्पणी
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि 1946 में जवाहरलाल नेहरू का चयन "नैतिक रूप से अवैध" था, क्योंकि उनके अनुसार सरदार पटेल को सभी वोट मिले थे। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी भी पहली बार जनता के जनादेश के आधार पर प्रधानमंत्री नहीं बनी थीं और पार्टी के भीतर संघर्ष के बीच उन्होंने यह पद संभाला था।
भाजपा नेता ने कहा कि राजीव गांधी ने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पैदा हुई सहानुभूति की लहर के बीच प्रधानमंत्री पद संभाला था। उन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह और पीवी नरसिंह राव के प्रधानमंत्री बनने की प्रक्रिया का भी जिक्र किया। त्रिवेदी ने कांग्रेस से कहा कि "कानूनी या अवैध" पर चर्चा करने से पहले उसे अपने भीतर झांकना चाहिए।
कांग्रेस पर चुनावी व्यवस्था को लेकर आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अतीत में केवल उन्हीं चुनावों में जीत हासिल की जब बैलेट पेपर लूटे जाते थे, बूथों पर कब्जा होता था, सीसीटीवी और स्वतंत्र मीडिया नहीं था और बड़े पैमाने पर हत्याएं होती थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी असफलताओं के लिए भारत की चुनाव व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराकर खुद का बचाव नहीं कर सकती।