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'कुछ लोगों के लिए राजाजी से ऊपर हैं लुटियंस': थरूर के बयान से BJP के निशाने पर आई कांग्रेस, जानें और क्या कहा

Tue, 24 Feb 2026 03:29 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रपति भवन में सोमवार को महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने अशोक मंडप के पास ग्रैंड ओपन सीढ़ी पर राजाजी की प्रतिमा स्थापित की गई। इसे राष्ट्रपति भवन और नई दिल्ली में कई अन्य सरकारी भवनों को डिजाइन करने वाले लुटियंस की प्रतिमा की जगह लगाया गया।
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शशि थरूर, सांसद, कांग्रेस - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन के केंद्रीय प्रांगण में चक्रवर्ती राजगोपालाचारी (राजाजी के नाम से प्रसिद्ध) की प्रतिमा के अनावरण की जमकर प्रशंसा की। कुछ घंटों बाद भाजपा ने थरूर की इस प्रशंसा का इस्तेमाल उनकी पार्टी कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए किया और दावा किया कि कांग्रेस इस कदम के खिलाफ थी।
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भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला की एक्स पर पोस्ट में लिखा था, 'दुख की बात है कि कांग्रेस में कुछ लोग लुटियंस को राजाजी से ऊपर, विदेशी को स्वदेशी से ऊपर, औपनिवेशिक को भारतीय से ऊपर रखते हैं।'

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शशि थरूर ने पीएम मोदी के पोस्ट पर क्या दी प्रतिक्रिया?
पूनावाला थरूर की उस हालिया पोस्ट का जिक्र कर रहे थे, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राजगोपालाचारी की प्रतिमा के अनावरण का स्वागत किया था। थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे राजगोपालाचारी की उदार आर्थिक नीतियों और मुक्त उद्यम के समर्थन की प्रशंसा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके मूल्य 'सांप्रदायिक कट्टरता' से मुक्त थे।

कांग्रेस सांसद थरूर की पोस्ट के एक हिस्से में लिखा था, 'यह दुखद है कि आज उनका अनुसरण करने वाले बहुत कम लोग बचे हैं।' स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्रपति भवन में किया गया। इस प्रतिमा को ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा की जगह पर लगाया गया है।

इल्तिजा मुफ्ती ने की प्रतिमा लगाए जाने की आलोचना
अपने पोस्ट में पूनावाला ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती की ओर से इस कदम की आलोचना का भी हवाला दिया। पूनावाला ने कहा कि इस मामले पर अलग-अलग विचार दर्शाते हैं कि कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक 'लुटियंस मामले पर बंटी' हैं।

मुफ्ती ने एडविन लुटियंस के परपोते की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें उन्होंने प्रतिमा को हटाए जाने पर निराशा व्यक्त की थी। मैट रिडले ने लुटियंस की प्रतिमा के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'यह जानकर दुख हुआ कि लुटियंस (मेरे परदादा) की प्रतिमा को दिल्ली स्थित उस राष्ट्रपति भवन से हटाया जा रहा है जिसे उन्होंने ही डिजाइन किया था। पिछले साल मैं इसके साथ था।'
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मुफ्ती ने लुटियंस के परपोते की पोस्ट पर क्या लिखा?
इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए इल्तिजा मुफ्ती ने लुटियंस की प्रतिमा को हटाए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने भारत के औपनिवेशिक अतीत को मिटाने के 'जुनून' की कड़ी आलोचना की। उन्होंने लिखा, 'अपने इतिहास के प्रति इस विकृत और बेबुनियाद गुस्से को जारी रखने से भारत को क्या लाभ होता है? औपनिवेशिक दाग को मिटाने का यह जुनून? लुटियंस की प्रतिमा ने ही दिल्ली को दिल्ली बनाया है। प्रतिमाओं और पट्टिकाओं को हटाकर आप विरासत या इतिहास को मिटा नहीं सकते। भारत की अधिकांश स्थापत्य कला की कृतियां ब्रिटिश और मुगल काल की हैं। इसमें बड़ी बात क्या है।'

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