2024 के आम चुनावों पर नजर रखते हुए भाजपा ने 73,000 मतदान केंद्रों की पहचान की है जहां वह कमजोर है और इन जगहों पर पार्टी की स्थिति को मजबूत करने के लिए एक समिति का गठन किया है। सूत्रों ने कहा कि इनमें से अधिकांश बूथ दक्षिणी और पूर्वी राज्यों में हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी 150 लोकसभा क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए एक खाका तैयार करने पर भी विचार कर रही है, जहां उसने पिछले कई चुनावों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली समिति में पार्टी महासचिव सीटी रवि, दिलीप घोष और पार्टी के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रमुख लाल सिंह आर्य इसके सदस्य हैं।
रिपोर्ट का मसौदा तैयार, महासचिवों की बैठक में रखा जाएगा
सूत्रों ने बताया कि समिति ने इन बूथों पर भाजपा को मजबूत करने की रणनीति का सुझाव देते हुए एक रिपोर्ट का मसौदा तैयार किया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट को सोमवार को भाजपा महासचिवों की बैठक में रखे जाने की संभावना है और फिर एक रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा और फिर संबंधित राज्य इकाइयों को भेजा जाएगा।
इन बूथों की पहचान 2014 और 2019 के आम चुनावों के आधार पर की गई है। सूत्रों ने कहा कि जोर इस बात पर देना है कि 2024 के आम चुनावों में इन बूथों पर पार्टी के वोट शेयर में बढ़ोतरी हो। उन्होंने कहा कि जनसांख्यिकी, संगठनात्मक ताकत और अन्य पहलुओं के आधार पर बूथों को विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है।