भले ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अभी करीब एक साल का वक्त है बावजूद इसके बीजेपी आलाकमान ने प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। इसी के मद्देनजर बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के लिए बड़ी रैलियों का आयोजन प्रदेश में किया जाएगा।
ये रैलियां खासतौर से दलित वोट बैंक को साधने के इरादे से की जाएंगी। इसके लिए पार्टी ने आईआईटी स्नातकों से संपर्क किया। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' में छपी खबर के मुताबिक आईआईटी स्नातकों ने पार्टी के साथ मिलकर प्रदेश के कई इलाकों में 'धम्म चेतना यात्रा' का आगाज किया। जे वाराणसी और गोरखपुर के कई इलाकों में पहुंच चुकी है। 'धम्म चेतना यात्रा' प्रदेश के करीब 75 जिलों में जाएगी। इसमें करीब 75 बौद्ध भिक्षु शामिल हैं, जो दलित वोट बैंक को बीजेपी से जोड़ने की कोशिश करेंगे।
बीजेपी महासचिव अरूण सिंह ने बताया कि यात्रा के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, हमारी कोशिश है कि यात्रा का उद्देश्य सफल रहे। बहराइच से 10 जून को यात्रा का दूसरा चरण शुरू होगा जिसे अरूण सिंह रवाना करेंगे। बता दें कि इस यात्रा की शुरूआत 24 अप्रैल को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सारनाथ से की थी।
बीजेपी की निगाहें दलित वोटबैंक पर
यात्रा के 6 महीने पूरे होने पर आयोजकों की योजना 14 अक्टूबर को लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली कराने की है, इसके लिए पीएमओ से संपर्क किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक 1956 में नागपुर में 3 लाख 65 हजार से ज्यादा लोग बौद्ध धर्म के अनुयायी बने थे। कहा जा रहा है कि इसी दिन मौर्य शासक अशोक ने भी बौद्ध धर्म स्वीकार किया था।
फिलहाल रैली में शामिल बौद्ध अनुयायी दलितों के बीच जाकर उनमें पीएम मोदी के कार्यों की जानकारी देंगे। उनके बीच मोदी की पैठ बनाने की कोशिश करेंगे। धम्म यात्रा का नेतृत्व कर रहे धम्म वीरियो, अम्बेडकर के साथी रहे हैं और बीएसपी के संस्थापक कांशी राम के साथ भी जुड़े रहे। कांशी राम ने बौद्ध भिक्षुओं के साथ मिलकर ही बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की थी। मोदी ने 26 अप्रैल को अम्बेडकर के जन्म स्थान महू में वीरियो का अभिनंदन किया था।
इस बात की संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ में रैली कर सकते हैं, जिसमें उनका एकमात्र एजेंडा दलित वोटबैंक को साधने का होगा। वहीं अमित शाह पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रैली करेंगे। इसमें कानपुर, फर्रूखाबाद जैसे इलाके शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों की बात करें तो लखनऊ की रैली से पहले बुंदेलखंड क्षेत्र में भी उनकी बड़ी रैली का आयोजन किया जा सकता है। अभी तक बुंदेलखंड में पार्टी की ओर से कोई बड़ी रैली नहीं हुई है। फिलहाल मोदी यूपी के बरेली, बलिया और सहारनपुर में रैली कर चुके हैं।