फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सियासत: त्रिपुरा-कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के विकल्प पर भाजपा आलाकमान कर रहा विचार

Sat, 17 Jul 2021 01:39 AM IST
Jeet Kumar हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली।

सार

आलाकमान के निर्देश पर शुक्रवार शाम को कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा भी दिल्ली पहुंचे हैं। उनकी जल्द ही पार्टी अध्यक्ष नड्डा और पीएम से मुलाकात हो सकती है।
विज्ञापन
जेपी नड्डा और पीएम मोदी - फोटो : Rajya sabha tv
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद राज्यों में उपजे असंतोष को लेकर भाजपा नेतृत्व बेहद गंभीर है। उत्तराखंड में दो बार नेतृत्व परिवर्तन के बाद पार्टी नेतृत्व के निगाहें कई अन्य राज्यों पर है।

विज्ञापन


इस कड़ी में अब पार्टी नेतृत्व की निगाहें त्रिपुरा और कर्नाटक पर हैं। पार्टी आलाकमान इन दोनों राज्यों में नेतृत्व परिवर्तन के विकल्प पर भी विचार कर रहा है। नेतृत्व ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को दिल्ली तलब किया है।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को शीर्ष स्तर पर त्रिपुरा को लेकर गहन मंथन हुआ है। राज्य के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी हफ्ते पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और राज्य के प्रभारी विनोद सोनकर के साथ लंबी मंत्रणा की थी।
विज्ञापन


इसी मंत्रणा के बाद राज्य के मुख्यमंत्री बिप्लव देव को दिल्ली तलब किया गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि या तो राज्य सरकार में बड़ा बदलाव होगा या फिर बिप्लब देव की जगह उपमुख्यमंत्री विष्णुदेब बर्मन को सरकार का चेहरा बनाया जा सकता है।

वहीं, आलाकमान के निर्देश पर शुक्रवार शाम को कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा भी दिल्ली पहुंचे हैं। उनकी जल्द ही पार्टी अध्यक्ष नड्डा और पीएम से मुलाकात हो सकती है। कर्नाटक में भी येदियुरप्पा के खिलाफ सरकार और पार्टी में असंतोष है।

बीते दो-तीन महीने में असंतुष्ट गुट के कई नेता पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां दर्ज करा चुके हैं। आलाकमान के सामने राज्य मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव या सरकार के चेहरे में बदलाव का ही विकल्प है। सूत्रों का कहना है कि दोनों ही राज्यों के संदर्भ में अगले कुछ दिनों में फैसला हो जाएगा।

त्रिपुरा और कर्नाटक में सीएम की कार्यशैली से नाराज हैं विधायक
त्रिपुरा में डेढ़ दर्जन विधायक मुख्यमंत्री की कार्यशैली से नाराज हैं। पश्चिम बंगाल में मुकुल रॉय की तृणमूल कांग्रेस में वापसी के बाद पार्टी नेतृत्व इस संदर्भ में सतर्क हुआ है। मुख्यमंत्री के पास इस समय दो दर्जन से अधिक अहम विभाग हैं।

इससे भी सरकार में मुख्यमंत्री के खिलाफ असंतोष है। दूसरी ओर कर्नाटक में करीब तीन दर्जन विधायक वर्तमान सीएम से नाराज हैं। पार्टी नेतृत्व नहीं चाहता कि विधानसभा चुनाव से पहले इन राज्यों में बड़ा विवाद खड़ा हो जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें