BJP Politics : भाजपा के संसदीय बोर्ड का पुनर्गठन करने के पहले तक इसमें खासतौर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यसभा में नेता सदन पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को शामिल करने की चर्चा थी।
BJP Politics : भाजपा ने संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) में बदलाव और पुनर्गठन के जरिए क्षेत्रीय, जातीय और चुनावी समीकरण को साधने की कोशिश की है। मसलन संसदीय बोर्ड में पहली बार किसी सिख इकबाल सिंह लालपुरा और पूर्वोत्तर के किसी चेहरे सर्बानंद सोनोवाल को जगह मिली है।
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बीएस येदियुरप्पा के जरिए कर्नाटक की राजनीतिक समीकरण साधने तो इकबाल सिंह के जरिए सिख समुदाय को सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की गई है। के लक्ष्मण भाजपा ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष के साथ तेलंगाना से हैं, जहां पार्टी विस्तार की व्यापक संभावना देख रही है।
गहलोत के हटने के बाद बोर्ड में दलित चेहरा नहीं था, इसकी भरपाई इसी बिरादरी के सत्यनारायण जटिया से की गई है। भूपेंद्रयादव और ओम माथुर दोनों का राजस्थान कनेक्शन है। इन दोनों को सीईसी में शामिल कर भाजपा ने राजस्थान के सियासी समीकरण को दुरुस्त करने की कोशिश की है।
पुनर्गठन के पहले खासतौर से संसदीय बोर्ड में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यसभा में नेता सदन पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को शामिल करने की चर्चा थी। हालांकि इनमें से एक भी नाम सूची में शामिल नहीं हैं।
गडकरी की जगह फडणवीस को खड़ा करने की तैयारी गडकरी को बोर्ड और सीईसी से हटाया गया, जबकि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस को शामिल किया गया। फडणवीस गडकरी की तरह ही ब्राह्मण बिरादरी के होने के साथ एक ही जगह नागपुर से हैं। पार्टी उन्हें गडकरी की जगह राष्ट्रीय राजनीति में स्थापित करना चाह रही है।
गुजरात में चुनाव से पहले कांग्रेस के दो पूर्व नेता भाजपा में शामिल
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उधर, गुजरात में भाजपा के लिए अच्छी खबर आई है। यहां के पूर्व मंत्री नरेश रावल और राज्यसभा के पूर्व सदस्य राजू परमार बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। करीब दो सप्ताह पहले दोनों ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने उन्हें पार्टी में शामिल करवाया। दशकों तक कांग्रेस से जुड़े रहे दोनों नेताओं का विधानसभा से पहले भाजपा में जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।