चुनावी सर्वे भले ही बसपा को उत्तर प्रदेश में बढ़त दिखाते रहें हों लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का मानना है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा का मुख्य मुकाबला सपा से है। उन्होंने कहा है कि सपा के पास आधार और कार्यकर्ता हैं। बसपा के बारे में उन्होंने सीधी टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि उप्र में असम की तरह किसी नेता को सीएम पद का प्रत्याशी घोषित किए जाने के बारे में अभी कोई विचार नहीं हुआ है।
अपना दल के अलावा किसी और दल से समझौते के बारे में भी कोई बातचीत नहीं हुई है। शाह ने कहा कि राम मंदिर भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में है। हम विवाद का हल सर्वसम्मति से या कोर्ट के निर्णय से चाहते हैं। मोदी सरकार के दो साल के कार्यकाल पूरे होने पर पत्रकारों से बातचीत में शाह ने कहा कि सफलता को बरक
रार रखना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती है। भाजपा ने कई राज्यों में चुनाव जीते हैं जहां लीडरशिप को प्रोजेक्ट नहीं किया गया था। उप्र में पार्टी का व्यापक जनाधार है। भाजपा पहले वहां सरकार में रह चुकी है।
असम में स्थिति अलग थी वहां भाजपा पहली बार सरकार बनाने में सफल हुई है। यह पूछे जाने पर कांग्रेस और बसपा के बीच समझौता होने पर स्थिति क्या होगी? शाह ने कहा कि तब का आकलन अलग से करेंगे। अभी की स्थिति में मुकाबला सपा से ही है। अजित सिंह की पार्टी से समझौते का कोई प्रस्ताव नहीं है।