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कर्नाटक चुनाव : शोले के रामगढ़ में भाजपा का राममंदिर का दांव, 50 सीटों पर नई धार देने की तैयारी

Sun, 09 Apr 2023 05:30 AM IST
Jeet Kumar नितिन याद, मैसूर।

सार

असल में रामनगर क्षेत्र में आने वाले रामदेवराबेट्टा में भव्य राममंदिर बनाने की घोषणा भाजपा सरकार ने की है। दक्षिण में अयोध्या की परिकल्पना के साथ भाजपा इस क्षेत्र की लगभग 50 सीटों सहित पूरे कर्नाटक की राजनीति को नई धार देना चाहती है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फिल्म शोले का काल्पनिक गांव रामगढ़ लोगों की यादों में हमेशा के लिए बसा हुआ है और यहां फिल्मी दुनिया के कई बड़े किरदार गढ़े गए थे लेकिन यह काल्पनिक गांव कर्नाटक के जिस रामनगर इलाके में बसाया गया था वह क्षेत्र अब सियासी किरदारों के लिए अहम हो गया है।

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असल में रामनगर क्षेत्र में आने वाले रामदेवराबेट्टा में भव्य राममंदिर बनाने की घोषणा भाजपा सरकार ने की है। दक्षिण में अयोध्या की परिकल्पना के साथ भाजपा इस क्षेत्र की लगभग 50 सीटों सहित पूरे कर्नाटक की राजनीति को नई धार देना चाहती है। स्थानीय राजनीति के जानकारों का मानना है कि पुराने मैसूर क्षेत्र में देवगौड़ा और उनके बेटे कुमारस्वामी के गढ़ में भाजपा लगातार सेंधमारी की कोशिश करती रही है। कई विधानसभा क्षेत्रों में इन्हीं वजहों से वह अब लड़ाई का मुख्य हिस्सा हो गई है।

कर्नाटक की राजधानी बंगलुरू की तेज भागती जिंदगी में बेशक लोगों के पास राजनीति के बारे में बात करने को ज्यादा वक्त न हो लेकिन बंगलूरू-मैसूर एक्सप्रेसवे पर चलते ही मानों सियासत को पंख लग जाते हैं। बंगलूरू की सीटों को अलग कर भी दें तो वोक्कालिगा जाति के प्रभुत्व वाले ओल्ड मैसूर क्षेत्र की राजनीति पर पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा का अच्छा-खासा असर रहा है।
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कैसे बनी अयोध्या की तर्ज पर राममंदिर की योजना
पुराने मैसूर क्षेत्र में मुस्लिमों की संख्या खासी है। इनमें से ज्यादातर कांग्रेस के वोटर हैं। स्थानीय भाजपा नेताओं और मंत्रियों ने पहले अयोध्या में बन रहे मंदिर के लिए यहां से शिलाएं भिजवाईं। इसके बाद रामनगर के प्रभारी मंत्री ने प्रदेश सरकार को रामदेवराबेट्टा में अयोध्या की ही तर्ज पर राम मंदिर बनवाने का प्रस्ताव दिया। 
 
हिंदुत्व के साथ विकास की भी बात बीएस येदियुरप्पा और दूसरे नेताओं के कारण कर्नाटक के लिंगायत समुदाय में तो भाजपा का दबदबा रहा लेकिन जेडीएस के गढ़ में भाजपा ने वोक्कालिगा समुदाय को पाले में करने के लिए पिछले कुछ समय में कई प्रयास किए हैं। प्रधानमंत्री ने बंगलुरू के संस्थापक रहे नदप्रभु कैंपागोडा की बंगलूरू एयरपोर्ट पर प्रतिमा का अनावरण किया तो गृहमंत्री अमित शाह ने भी इस बेल्ट के कई दौरे किए। 
 
ये है देवगौड़ा व देवीलाल की दोस्ती की वजह
एक दौर में यह कहा गया था कि देवगौड़ा और देवीलाल की दोस्ती की वजह भी यह रही थी कि जाट बिरादरी की तरह वोक्कालिगा भी किसान हैं। किसान राजनीति के कारण दोनों एक दूसरे के साथ आए थे। बेशक देवगौड़ा परिवार में कितना ही घमासान हो लेकिन यहां पर उनके उत्तराधिकारी के तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ही हैं।

पूर्व पीएम के बेटे निखिल इस बार उम्मीदवार 
इस बार बेटा निखिल कुमारस्वामी इस सीट से उम्मीदवार है। इसी जिले की चैन्नपटना सीट से कुमारस्वामी विधायक हैं और इस बार भी वहीं से चुनाव लडे़ंगे। बंगलूरू देहात, रामनगर, मंड़या, छम्मया राजनगर, मैसूर और हासन, कोलार जिलों के आसपास के इस इलाके में जेडीएस काफी मजबूत रही है। हालांकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार भी इसी इलाके से हैं और पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को प्रदेश में एकमात्र सीट बंगलुरू देहात ही मिली थी।

टीपू सुल्तान का मुद्दा भी प्रमुख 
कांग्रेस की सिद्धारमैय्या सरकार ने राज्य में टीपू सुल्तान की जयंती शुरू कर दी थी। भाजपा सरकार आने पर इसे खत्म कर दिया गया। भाजपा ने अपने हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने के लिए टीपू सुल्तान के मुद्दे को भी खूब उठाया है।  

वोटर के पास मुद्दे भी  हैं और अपनी पसंद भी
मैसूर हाइवे पर स्थिति केंगेरी इलाके की एक दुकान पर दुकानदार राजन्ना महंगाई से बहुत नाराज दिखे। उन्होंने कहा, टैक्स बहुत बढ़ गया है और छोटे व्यापारी परेशान हैं। इस बार वह बदलाव देखना चाहते हैं। हालांकि वहीं बैठे विश्वनाथ उनकी बात से इत्तेफाक नहीं रखते। युवा देवव्रत एक निजी कंपनी में कैशियर हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कुमारस्वामी ही प्रमुख चेहरे हैं। किसानों के लिए सबसे ज्यादा कुमारस्वामी ने ही काम किया है। गोविंदराजू ने स्थानीय स्तर पर तो जेडीएस को मजबूत बताया लेकिन वह मानते हैं कि प्रदेश में कांग्रेस इस बार कुछ कर सकती है।  

योगी आदित्यनाथ का नाम भी
कैंगेरी के विश्वनाथ पीएम मोदी के साथ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का भी जिक्र करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध कम करने में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अच्छा काम किया है। रामनगर क्षेत्र के भाजपा नेताओं का यह भी कहना है कि चुनाव प्रचार में तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग होगी ही, साथ ही यहां पर राममंदिर का शिलान्यास होने पर भी योगी आदित्यनाथ को बुलाया जाएगा।
 
राजनीति से इतर भी बहुत कुछ 
रामदेवराबेट्टा के बारे में माना जाता है कि श्री राम यहां वनवास के दौरान रुके थे। अभी जहां मंदिर स्थित है, वह वन क्षेत्र गिद्धों के लिए संरक्षित है। इसके साथ ही रामनगर में कुकून की खेती काफी होती है। एशिया की सबसे बड़ी सिल्क मंडी रामनगर को ही माना जाता है। चैन्नपटना से इस बार कुमारस्वामी चुनाव लड़ेंगे। यहां पर घर-घर में खिलौने बनाए जाते हैं। दुनिया के देशों में यहां निर्यात किया जाता है। मंड्या में सिर्फ गन्ने की खेती ही नहीं होती, यहां का गुड़ खाड़ी देशों तक जाता है।

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